यूपी: शिक्षकों को बहुत कम सैलरी दे रही प्राइवेट स्कूल वाले, कई जिलों में जांच के आदेश

मुख्य संवाददाता, प्रयागराज
Follow us on Google News
share

नियम है कि प्राइवेट स्कूलों को फीस से हुई आय की 75 प्रतिशत धनराशि शिक्षकों के वेतन मद में खर्च करनी चाहिए। कई स्कूल वाले इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। गड़बड़ी मिलने पर प्रयागराज समेत लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और गोरखपुर के प्राइवेट स्कूलों की भी जांच कराने के आदेश दिए गए हैं।

School teacher
स्कूल टीचर

School Teachers Salary: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शिक्षकों को कम वेतन देने में दर्जनों निजी स्कूल फंस गए हैं। विधान परिषद की शिक्षा का व्यवसायीकरण संबंधी जांच समिति ने इस पर सवाल उठाया है। प्रयागराज की रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर प्रयागराज समेत लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और गोरखपुर के निजी स्कूलों की भी जांच कराने के आदेश दिए गए हैं।

नियम है कि प्राइवेट स्कूलों को फीस से हुई आय की 75 प्रतिशत धनराशि शिक्षकों के वेतन मद में व्यय करनी चाहिए, लेकिन 2024 में प्रस्तुत शहर के तीन पब्लिक स्कूलों की रिपोर्ट में से केवल जगत तारन गोल्डन जुबली स्कूल ने ही मानक पूरा किया है। इसके अलावा दोनों स्कूलों ने 75 प्रतिशत आय का वेतन के मद में व्यय नहीं किया है। यानि केवल गोल्डन जुबली स्कूल अपने शिक्षकों को मानक के अनुरूप वेतन दे रहा है। समिति का मानना है कि इस तरह की धांधली कई अन्य जनपदों में भी होने की संभावना है। इस पर समिति की सभापति ने प्रयागराज समेत पांच जिलों की जांच के आदेश देते हुए प्रमुख सचिव से यह अपेक्षा की है कि अपनी आख्या एक महीने के अंदर प्रस्तुत करें। जांच के आदेश मिलने पर बीएसए ने शहर के 35 निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

आधी कमाई भी खर्च नहीं कर रहे कई स्कूल

समिति ने 2021 से 2024 तीन वित्तीय वर्षों की रिपोर्ट भी भेजी है। इसमें कई स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने आमदनी का आधा भी खर्च नहीं किया है। शिवकुटी के एक बड़े सीबीएसई स्कूल ने 2021-22 सत्र में 34.45 प्रतिशत, 2022-23 में 42.33 और 2023-24 में 42.79 फीसदी आमदनी ही खर्च करनी दिखाई है।

क्या बोले बीएसए

प्रयागराज के बीएसए अनिल कुमार ने इस बारे में बताया कि जिले के 35 स्कूलों से आमदनी और शिक्षकों के वेतन मद में भुगतान के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है।

कुलपति नहीं मिले तो छात्रों ने सिर मुंडवाया

वहीं प्रयागराज के प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय में बुधवार को उस समय माहौल गरमा गया जब एलएलबी छठवें सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम से नाराज छात्रों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। कुलपति से मुलाकात नहीं होने पर आक्रोशित छात्रों ने विश्वविद्यालय गेट पर धरना दिया और बाद में सिर मुंडवाकर विरोध दर्ज कराया। छात्रों का कहना था कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि अपने भविष्य से जुड़े मामले में न्याय और पारदर्शिता की मांग करना है। स्पष्ट किया कि यदि उचित समाधान नहीं हुआ तो वे अपना विरोध जारी रखेंगे।

एलएलबी छठवें सेमेस्टर में कई छात्र फेल हो गए हैं। छात्रों का आरोप है कि परिणाम में पारदर्शिता नहीं बरती गई। इसी को लेकर वे कुलपति से मिलने पहुंचे थे। उन्हें अपनी शिकायत रखने का अवसर मिलना चाहिए, लेकिन कुलपति से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय पुलिस बल की मौजूदगी में उन्हें रोकने और उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया गया। इसी दौरान कुछ छात्रों ने सिर मुंडवाकर अपना विरोध जताया।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, UP News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News, और lucknow Weather अपडेट हिंदी में पढ़ें। साथ ही UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Election 2027 Candidates से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsUP Newsशिक्षकों को बहुत कम सैलरी दे रही प्राइवेट स्कूल वाले, कई जिलों में जांच के आदेश