UP में पीठासीन अधिकारी सम्मेलन 19 से, लोकसभा अध्यक्ष करेंगे शुभारंभ; 22 को जाएंगे राम मंदिर
यूपी में पीठासीन अधिकारी सम्मेलन 19 जनवरी से शुरू होगा।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला इसका शुभारंभ करेंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अन्य विशिष्ठ अतिथि मौजूद रहेंगे। सभी सदस्य 22 को अयोध्या जाएंगे।
अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन 19, 20 व 21 जनवरी को यूपी विधानसभा में होगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला इसका शुभारंभ करेंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अन्य विशिष्ठ अतिथि मौजूद रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन के समापन सत्र में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मौजूद रहेंगी। सम्मेलन का विस्तृत कार्यक्रम जल्द जारी किया जाएगा। सम्मेलन में देश की सभी विधासनभाओं के पीठासीन अधिकारी हिस्सा लेंगे। पीठासीन अधिकारियों को 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीराम लाल के दर्शन कराया जाएगा। श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष 22 जनवरी को ही पूरे हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि 19 जनवरी से पूर्व मीडियाकर्मियों के लिए संसदीय पत्रकारिता पर एक सत्र भी आयोजित होगा।
शीतकालीन सत्र की कार्यवाहीं नहीं हुई स्थागित
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि शीतकालीन सत्र की कार्यवाही एक बार भी स्थगित नहीं हुई। शीतकालीन सत्र के दौरान उन्हें पहली बार विधानसभा में वंदेमातरम गीत पूरा गाने का अवसर मिला। सदन में बहुत से सदस्यों ने वंदेमातरम पर चर्चा की, जबकि बहुत से सदस्यों को शिकायत रह गई कि उन्हें इस पर बोलने का अवसर नहीं मिला।
सदस्यों को पढ़कर आना चाहिए बिल
उन्होंने कहा कि बतौर विधानसभा अध्यक्ष चार साल के कार्यकाल में तीन बार सभी विधायकों के साथ अलग-अलग ग्रुपों में विभिन्न विषयों पर संवाद का अवसर मिला। विधायकों के साथ जल्द वह संवाद करेंगे। इस बार उन्हें विभिन्न विधेयकों को पढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। अगले सत्र में किसी भी सदस्य को अचानक किसी बिल पर बोलने के लिए आमंत्रित करेंगे। जो हाथ नहीं भी उठाएगा, उसे भी अचानक बिल पर बोलने के लिए आमंत्रित करेंगे।
24.50 घंटे चला शीतकालीन सत्र
सदन के कुल उपवेशन - चार
सदन चलने की कुल अवधि - 24 घंटा 50 मिनट
स्थगन की अवधि - शून्य
प्राप्त प्रश्न - 2776 (इनमें 2650 यानी 95.46 प्रतिशत प्रश्न सदस्यों से आनलाइन प्राप्त हुए)
उत्तरित प्रश्न - 530
कुल प्राप्त याचिकाएं - 408
ग्राह्य की गईं याचिकाएं - 372





