
प्रेग्नेंट यात्री को अचानक उठा लेबर पेन, स्टेशन पर महिला दरोगा और सिपाही ने कराई डिलीवरी
ट्रेन पकड़ने आई प्रेग्नेंट यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। तब आरपीएफ और जीआरपी की महिला सिपाही देवदूत बनकर उसकी मदद को पहुंचीं। आरपीएफ की दरोगा गुलशन और जीआरपी की हेड कांस्टेबल कुसुमलता ने स्टेशन पर ही चादर का घेरा बनाकर महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई।
यूपी के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर सोमवार शाम मानवीय संवेदना का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। ट्रेन पकड़ने आई गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा हुई तो आरपीएफ और जीआरपी की महिला सिपाही देवदूत बनकर उसकी मदद को पहुंचीं। आरपीएफ की एसआई गुलशन और जीआरपी की हेड कांस्टेबल कुसुमलता ने स्टेशन पर ही चादर का घेरा बनाकर महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई।

महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। मां-बेटी दोनों को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर एसएन अस्पताल भेजा गया। सोमवार को आगरा कैंट स्टेशन के डिप्टी एसएस (कमर्शियल) के माध्यम से शाम 7.50 बजे करीब मिशन शक्ति सेल को सूचना प्राप्त हुई कि स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर फूड प्लाजा के पास बने आरओ वॉटर प्लांट के पास एक महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है।
सूचना मिलते ही जीआरपी की महिला हेड कांस्टेबल कुसुमलता मौके पर पहुंचीं। मध्य प्रदेश की एक 30 वर्षीय महिला जमीन पर कंबल डालकर लेटी हुई थी। उसके आसपास उसके घर वाले मौजूद थे।
चादर का घेरा बनाकर कराई डिलीवरी
कुसुमलता ने आरपीएफ एसआई गुलशन की मदद से स्टेशन पर ही चादर का घेरा बनाकर महिला की डिलीवरी कराई। महिला ने बच्ची को जन्म दिया। बच्ची को तत्काल साफ चादर में लपेटा गया और इसकी सूचना रेलवे हॉस्पिटल को दी गई। कुछ देर में डॉ. धीरज गुप्ता, महिला स्टाफ प्रीति और डिप्टी एसएस (कमर्शियल) कृष्णकांत सिंह भी पहुंच गए।
रेलवे अस्पताल से आई महिला स्टाफ प्रीति ने बच्ची की गर्भनाल काटकर अलग की। इसके बाद जच्चा-बच्चा दोनों को आगे की देखभाल और इलाज के लिए परिजनों के साथ रेलवे की एंबुलेंस से एसएन अस्पताल भेज दिया गया।





