एसआरएन के तीन पार्किंग शेड में 19 साल से भरा है कबाड़
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में थानों के बाहर खड़ी कबाड़ गाड़ियों को हटाने का निर्देश दिया। लेकिन प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में 19 वर्षों से कबाड़ की सामग्री रखी हुई है, जिससे दुर्गंध फैल रही है। पार्किंग की कमी और कबाड़ की समस्या अस्पताल के लिए गंभीर बनी हुई है।
प्रयागराज।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में थानों के बाहर वर्षों से खड़ी कबाड़ गाड़ियों को हटाने का निर्देश दिया था। थानों में कबाड़ गाड़ियों को लेकर सीएम को भले चिंता हो लेकिन मंडल के सबसे बड़े एसआरएन अस्पताल को इस बारे में गंभीरता नहीं है। क्योंकि 19 साल से अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के तीन पार्किंग शेड में निष्प्रोज्य सामग्री रखी हुई है। अस्पताल परिसर में कबाड़ रखे रहने से वार्डों तक दुर्गंध फैलती है। खासकर आर्थो वार्ड नंबर दो, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के कार्यालय से सामने और स्पेशल प्राइवेट वार्ड के बीच में ज्यादा कबाड़ भरा है।
2007-08 में लगभग डेढ़ साल तक एसआरएन अस्पताल इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अधीन संचालित हुआ था। उस समय अस्पताल में कई जांच उपकरण, बेड, स्ट्रेचर व जनरेटर आदि मंगाए गए थे। उसी समय पुरानी सामग्री को निकालकर शेड में रखवा दिया गया। लेकिन उसके बाद एसआरएन अस्पताल मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित होने लगा। एक तरफ अस्पताल में वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह नहीं हैं वहीं पार्किंग शेड में कबाड़ की सामग्री से अस्पताल में दुर्गंध फैल रही है। शेड में रखी कबाड़ की सामग्री बाहर से न दिखे इसलिए स्पेशल प्राइवेट वार्ड की गैलरी में हरा पर्दा लगा दिया गया है।
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