गर्मी के बाद नए नलकूपों को लगाने की बनेगी योजना
Prayagraj News - गर्मी के मौसम में पेयजल संकट का मुद्दा उठाया गया। पार्षद रणविजय सिंह ने जलकल प्रबंधन से जानकारी मांगी। पिछले साल की तरह गर्मी में पानी की कमी हो सकती है। महाप्रबंधक ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में नलकूपों का निर्माण होगा। यमुनापार क्षेत्र में गंभीर समस्या के समाधान के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं।

गर्मी के मौसम में संभावित पेयजल संकट का मुद्दा मंगलवार को उठा। पुनरीक्षित बजट पर चर्चा के दौरान पार्षद रणविजय सिंह ने आगामी गर्मी में पेयजल संकट दूर करने की तैयारी के बारे में जलकल प्रबंधन से जानकारी मांगी। कहा कि पिछले साल की तरह इस साल भी गर्मी में पानी का संकट होगा। आशा के अनुरूप नलकूप और हैंडपंपों की मरम्मत नहीं हुई। सदन में अन्य पार्षदों ने भी यही मुद्दा उठाया तो अध्यक्ष उमेश चंद्र गणेश केसरवानी ने जलकल के महाप्रबंधक कुमार गौरव को जवाब देने के लिए कहा। महाप्रबंधक ने सदन को बताया कि शहर और विस्तारित क्षेत्र में छोटे-बड़े नलकूपों का निर्माण आगामी वित्तीय वर्ष में होगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में नलकूपों के निर्माण के लिए बजट का प्रावधान किया जाएगा। योजना बनाई जा रही है। यमुनापार क्षेत्र के लिए अमृत योजना-2 के तहत वृहद पेयजल योजना का निर्माण हो रहा है। यमुनापार में समस्या बेहद गंभीर होने पर जलकल नए नलकूप के बारे में विचार कर सकता है।चालू वित्तीय वर्ष में किए गए कामों के बारे में महाप्रबंधक ने कहा कि अभी तक 14 बड़े और 18 मिनी नलकूप लगाए गए। 24 बड़े और 12 मिनी नलकपों को रीबोर किया गया। कटरा में दूषित जलापूर्ति के सवाल पर महाप्रबंध ने कहा कि खराब नलकूप का रीबोर किया जाएगा। सीवर लाइन सफाई के लिए जेटिंग मशीन खरीदी गई। छह पुरानी जेटिंग मशीन बदली जाएगी। पार्षद कुसुमलता गुप्ता ने कहा कि गलियों की सफाई के लिए छोटे जेटिंग मशीन खरीदनी चाहिए। पार्षद किरन जायसवाल ने सीवर की सफाई को लेकर अलग-अलग एजेंसियों के बीच विवाद होने का मुद्दा उठाया। अध्यक्ष ने सदन की अगली बैठक में सभी सीवर लाइनों का ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया।
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