अब पंपों के सहारे होगी एक तिहाई शहर की जलापूर्ति
प्रयागराज में यमुना के जलस्तर के तेजी से घटने के कारण शहर के एक तिहाई हिस्से में पेयजल संकट का खतरा उत्पन्न हो गया है। जलकल विभाग ने खुसरोबाग के लिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चार अतिरिक्त पंप लगाने की योजना बनाई है। जलापूर्ति को प्रभावित होने से बचाने के लिए जल्दी ही पंप लगाने का काम शुरू किया जाएगा।
प्रयागराज। यमुना का जलस्तर तेजी से घटने के कारण अब एक तिहाई शहर में पेयजल संकट का खतरा मंडराने लगा है। यमुना की स्थिति को देखते हुए अब अतिरिक्त पंप लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। जरूरत का पानी खुसरोबाग भेजने के लिए यमुना में चार पंप लगाने की तैयारी हो रही है। जलकल विभाग मंगलवार से अतिरिक्त पंप लगाने का काम शुरू कर सकता है। करेलाबाग में यमुना का जलस्तर घटने से इनटेक वेल तीन का सक्शन पाइप अब दिखाई पड़ने लगा है। जबकि सामन्य स्थिति में यह सक्शन पाइप यमुना में डूबा रहता है। इसी तरह जलस्तर घटता रहा तो इनटेक वेल तीन को भरने के लिए सक्शन पाइप का दायरा बढ़ाकर अतिरिक्त पंपों से जोड़ा जाएगा।
जलकल विभाग के सचिव शिवम मिश्रा ने बताया कि जल्द से जल्द अतिरिक्त पंप लगाने की कोशिश हो रही है, ताकि हजारों घरों की जलापूर्ति घटानी न पड़े। केंद्रीय जल आयोग से जारी आंकड़ों के मुताबिक शनिवार सुबह आठ बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 71.74 मीटर दर्ज किया गया। वहीं, फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 76.16 मीटर रिकॉर्ड किया गया। पिछले साल अप्रैल में इसी तरह अचानक यमुना का जलस्तर घटने पर सुबह-शाम आधा-आधा घंटा जलापूर्ति घटानी पड़ी थी। जलकल के सचिव का दावा है कि इस बार जलापूर्ति घटाने की नौबत नहीं आएगी। स्थिति खराब होने के पहले अतिरिक्त पंप लगाए जाएंगे।
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