
अफसरों की लापरवाही से 15वें वित्त से 35 करोड़ रुके
संक्षेप: Prayagraj News - प्रयागराज। प्रदेश सरकार ने नगर निगम को 15वें वित्त से मिलने वाली लगभग 35 करोड़ रुपये की राशि रोक दी है। इस राशि से शहर के विकास कार्यों को गति मिल सकती थी। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि कूड़े के निस्तारण में लापरवाही के कारण ये पैसे रोके गए हैं। इससे कई प्रस्तावित काम प्रभावित होंगे।
प्रयागराज। प्रदेश सरकार ने नगर निगम को 15वें वित्त से मिलने वाला लगभग 35 करोड़ रुपये रोक दिया है। इस राशि से शहर के तमाम विकास कार्य कराए जा सकते थे। नगर निकाय निदेशालय ने पिछले महीने प्रदेश के कई नगर निगमों को 15वें वित्त से पांच अरब से अधिक राशि जारी करने का आदेश जारी किया। इस आदेश में प्रयागराज और लखनऊ नगर को फूटी कौड़ी नहीं दी गई है। राशि रोके जाने के कारण पर नगर निगम और जलकल विभाग के अधिकारी मौन हैं। बताया जा रहा है कि बसवार प्लांट में डंप लाखों टन कूड़ा निस्तारण में लापरवाही से प्रयागराज नगर निगम की राशि रोकी गई।

प्लांट में डंप कूड़ा महाकुम्भ के पहले निस्तारित करना था, लेकिन आज भी परिसर में कूड़े का पहाड़ देखा जा सकता है। प्लांट का कूड़ा निस्तारण के लिए दो एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई, फिर भी समस्या जस की तस है। 15वें वित्त की राशि रोके जाने से नगर निगम में खलबली मची हुई है। एक अधिकारी ने बताया कि पिछले कई वर्षों में ऐसा नहीं हुआ कि 15वें वित्त की राशि रोकी गई हो। इस राशि का उपयोग शहर में सफाई, उपकरण खरीदने व नाला आदि बनाने में होता है। नगर निगम के मुख्य वित्त अधिकारी आरके शर्मा ने राशि रोके जाने की बात कही, लेकिन कारण बताने से इनकार कर दिया। मुख्य वित्त अधिकारी के अनुसार लखनऊ नगर निगम की राशि भी रोकी गई है। राशि रोके जाने से कई प्रस्तावित कामों को शुरू करने की प्रक्रिया रोकी जाएगी। इससे जलकल के काम भी प्रभावित हो सकते हैं।

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