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प्रयागराजUP Board: परीक्षा निरस्त होने से सात करोड़ की कॉपियां बर्बाद होने का खतरा

हिन्दुस्तान टीम,प्रयागराजPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 04:00 PM
UP Board: परीक्षा निरस्त होने से सात करोड़ की कॉपियां बर्बाद होने का खतरा

प्रयागराज वरिष्ठ संवाददाता

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा निरस्त होने से तकरीबन सात करोड़ रुपये की कॉपियों के बर्बाद होने का खतरा पैदा हो गया है। 10वीं में 29,94,312 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। हाईस्कूल के बच्चों को पांच अनिवार्य और एक वैकल्पिक कुल छह विषय की परीक्षा देनी होती है। 30 लाख बच्चों पर कम से कम 1.80 करोड़ कॉपियां लगतीं।

अतिरिक्त बी कॉपी अगर 20 लाख भी मान लें तो दो करोड़ उत्तरपुस्तिकाओं की आवश्यकता होती। हाईस्कूल की एक कॉपी तकरीबन 3.50 रुपये के हिसाब से ये दो करोड़ कॉपियां कुल सात करोड़ की पड़ती। उत्तरपुस्तिकाओं पर परीक्षा वर्ष की पंचिंग रहती है ताकि अगले साल नकल माफिया उसका दुरुपयोग न कर लें। बोर्ड ने दो साल से कॉपियों की लाइनिंग भी अलग-अलग रंग की करवा दी थी ताकि हाईस्कूल और इंटर की कॉपी में अंतर हो सके और उनका दुरुपयोग रोका जा सके। बोर्ड ने दिसंबर में ही सभी 75 जिलों में 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए कॉपियां भेज दी थी।

दोबारा इस्तेमाल के प्रयास में यूपी बोर्ड

हालांकि बोर्ड अधिकारी कॉपियों की बर्बादी से बचने के उपाय तलाश रहे हैं। कॉपियां जिलों से वापस मंगाकर गवर्नमेंट प्रेस से दोबारा पंचिंग करवाकर फिर से उपयोग करने की बात कही जा रही है। लेकिन 2022 में विधानसभा चुनाव के कारण बोर्ड परीक्षा मार्च अंत या अप्रैल में हो सकेगी। इतने समय तक करोड़ों कॉपियों को दीमक, चूहे आदि से बचाकर दोबारा उपयोग करना बड़ी चुनौती होगी।

इस साल 10वीं टॉपर के नाम नहीं बनेगी सड़क

पिछले चार साल से हाईस्कूल और इंटर की मेरिट में स्थान बनाने वाले मेधावियों के नाम पर सरकार उनके नाम प गांव तक सड़क बनवाती थी। लेकिन इस साल परीक्षा निरस्त होने के कारण 10वीं में टॉप करने की उम्मीद लगवाने वाले मेधावियों का सपना टूट गया। इसी के साथ हाईस्कूल में कम्पार्टमेंट, इम्प्रूवमेंट, स्क्रूटनी या आरटीआई में कॉपी दिखवाने की प्रक्रिया ठप रहेगी।

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