
मार्च के बाद ही चयन आयोग की परीक्षा संभव
Prayagraj News - प्रयागराज में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों के लिए लिखित परीक्षा 16 और 17 अप्रैल को निरस्त कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने चयन आयोग को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा को शीघ्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित किया जाए। हालांकि, अगले तीन महीने में परीक्षा कराना संभव नहीं दिख रहा है।
प्रयागराज, मुख्य संवाददाता। अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर भर्ती के लिए 16 और 17 अप्रैल को आयोजित लिखित परीक्षा निरस्त होने के बाद अभ्यर्थियों की निगाहें उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने चयन आयोग को निरस्त परीक्षा जल्द से जल्द, पूर्णत: निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि चयन आयोग के लिए अगले तीन महीने परीक्षा कराना मुमकिन नजर नहीं आ रहा है। 29 और 30 जनवरी को चयन आयोग की ही उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) प्रस्तावित है। अब तक यह निर्णय नहीं हो सका है कि यह परीक्षा तय समय पर होगी या नहीं।
वैसे पूर्व में आयोजित यूपी-टीईटी में लगे समय और तैयारियों को देखा जाए तो चयन आयोग को पात्रता परीक्षा कराने के लिए कम से कम तीन महीने का समय चाहिए। लिहाजा यूपी-टीईटी 29-30 जनवरी को होना मुमकिन नहीं लग रही। अब असिस्टेंट प्रोफेसर की पुर्नपरीक्षा और टीजीटी-पीजीटी की लिखित परीक्षा की बात करें तो मार्च से पहले परीक्षा कराना संभव नहीं लग रहा। 18 फरवरी से 12 मार्च तक यूपी बोर्ड की परीक्षाएं होने के कारण केंद्र मिलना मुश्किल होगा। इस बीच उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भी पहले से परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। ऐसे में अप्रैल या उसके बाद ही परीक्षा होने के आसार हैं।

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