यूजीसी का नया नियम रद्द हो, ताकि समरसता बनी रहे : नरेंद्रानंद सरस्वती

Jan 28, 2026 08:32 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराज
share

Prayagraj News - प्रयागराज में परशुराम परिषद शिविर में यूजीसी के नए नियम पर चर्चा हुई। स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि शिक्षा में समान नीतियों की आवश्यकता है और वर्तमान नियमों से कटुता बढ़ेगी। उन्होंने सरकार से नियमों में शीघ्र परिवर्तन की मांग की ताकि देश में अमन और समरसता बनी रहे।

यूजीसी का नया नियम रद्द हो, ताकि समरसता बनी रहे : नरेंद्रानंद सरस्वती

प्रयागराज। यूजीसी के नए नियम को लेकर माघ मेला क्षेत्र के परशुराम परिषद शिविर में एक प्रेसवार्ता हुई। जिसमें जगद्गुरु स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा देश में शिक्षा की समान नीतियां लागू होना चाहिए। गुरुकुल प्रणाली में कोई भेदभाव नहीं था लेकिन वर्तमान शिक्षा प्रणाली में यूजीसी के नियम में जो संशोधन हुआ है, उससे शिक्षा के केंद्रों में समरसता, एकता के वातावरण की जगह कटुता, वैमनस्यता, नफरत का वातावरण तैयार होगा। यथाशीघ्र इस नियम को समाप्त किया जाए ताकि देश में समरसता का भाव बना रहे। स्वामी नरेंद्रानंद ने कहा कि एससी-एसटी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी पर आरोप लगे तो पहले उसकी जांच हो किंतु उसके बावजूद 10 लाख से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो गए और बेगुनाह जेलों में सड़ रहे हैं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

भारत का गृह मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय यूजीसी कानून में शीघ्र परिवर्तन करके देश में अमन चैन कायम करें। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो स्थितियां गंभीर होगी, देश में अराजकता फैलेगा और अनावश्यक रक्तपात बढ़ सकता है। ‌उन्होंने कहा 62 की उम्र के बाद विधायक और सांसद को चुनाव लड़ने पर भी रोक लगाना चाहिए। सच्चा बाबा आश्रम के महंत पंडित चंद्रदेव मिश्र ने कहा यूजीसी का बहाना लेकर शिक्षा पर जो कुठाराघात किया जा रहा है, वह बहुत ही घातक है। अनंतदेव ने कहा यूजीसी कानून न हिन्दू हित में है और न ही देशहित में है, इसे रद्द किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय परशुराम परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अशोक शर्मा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बाल गोविंद, राष्ट्रीय प्रवक्ता जीवानंद शर्मा, विशाल महाराज, बलबीर पटेल, अश्वनी मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।