संगम में प्रवाहित हुईं संत साईं चांडू राम अस्थियां
Prayagraj News - प्रयागराज में संत साईं चांडूराम की अस्थियों का विसर्जन रविवार को संगम में किया गया। स्मृति यात्रा छह राज्यों से होते हुए झूलेलाल नगर पहुंची। भक्तों ने श्रद्धा के साथ संत को याद किया। अस्थि विसर्जन के बाद अरैल घाट पर भजन-कीर्तन भी किया गया। संत का जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित रहा।
प्रयागराज, संवाददाता। सिंधी समाज के आराध्य संत साईं चांडूराम की अस्थियां रविवार को संगम में विसर्जित कर दी गईं। ब्रह्मलीन संत का अस्थि कलश लेकर छह राज्यों का भ्रमण करते स्मृति यात्रा रविवार को झूलेलाल नगर हिम्मतगंज स्थित संत बाबा आसूदाराम सत्संग भवन पहुंची। वहां पर लोगों ने संत को श्रद्धा-सुमन अर्पित किया उसके बाद यात्रा ने अरैल के लिए प्रस्थान किया। यात्रा बनर्जी चौराहा, खुल्दाबाद होते हुए डीएसए ग्राउंड स्थित साईं कंवरराम चौराहा पहुंची जहां बड़ी संख्या में लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। फूलों से सजा स्मृति वाहन डीएसए ग्राउंड से अरैल स्थित वीआईपी घाट पहुंचा। घाट पर लखनऊ शिव शांति संत आसूदाराम आश्रम के प्रमुख व संत के बेटे साईं मोहन लाल व साईं हरीश लाल ने विधिविधान से अस्थियों को संगम में प्रवाहित किया।
गाजे-बाजे के निकाली गयी स्मृति यात्रा में श्वेत वस्त्र धारण किए भक्त संत साईं चांडूराम अमर रहे का जयघोष करते हुए चल रहे थे। महिलाएं भगवा ध्वज के साथ यात्रा में शामिल हुईं। अस्थि विसर्जन के बाद अरैल घाट पर शिष्य परमानंद, जसूराम और पवन कुमार ने संत की स्मृति में भजन-कीर्तन की प्रस्तुति की। इस मौके पर साईं मोहन लाल ने कहा कि संतों को संत साईं चांडूराम संतो के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। उनका जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित रहा। आभार ज्ञापन भारतीय सिंधु सभा के प्रदेश महासचिव विजय पुरसवानी ने किया। इस मौके पर प्रवक्ता ओमप्रकाश ओमी, धर्मपाल मदनानी,उमाशंकर आयलानी, इंदर मध्यान, रमेश अंदानी, भजन लाल, श्याम केसवानी, भरत हीरानी, सुंदर सुहाला, पवन गुरनानी, श्रीचंद केवलानी मौजूद रहे।

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