बसों का चालान होने पर चालकों के तनख्वाह से कटने लगा जुर्माना राशि

हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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प्रयागराज, पीयूष श्रीवास्तव । प्रयागराज के रोडवेज डिपो में तैनात संविदा बस चालकों के लिए

बसों का चालान होने पर चालकों के तनख्वाह से कटने लगा जुर्माना राशि

प्रयागराज, पीयूष श्रीवास्तव प्रियागराज के रोडवेज डिपो में तैनात संविदा बस चालकों के लिए यातायात नियमों की अनदेखी अब सीधे जेब पर असर डाल रही है। विभाग ने चालान की जुर्माना राशि संबंधित चालकों के वेतन से काटना शुरू कर दिया है। कानपुर, फतेहपुर समेत अन्य शहरों में हुए चालानों के कारण इस माह कई चालकों की सैलरी से पांच हजार से सात हजार रुपये तक की कटौती हुई है।

चालकों की परेशानियाँ

संविदा चालक बृजेश कुमार जायसवाल के वेतन से छह हजार रुपये और रॉबर्ट जोसेफ के वेतन से सात हजार रुपये कटे हैं। चालकों का कहना है कि 15 से 20 हजार रुपये मासिक वेतन में इतनी बड़ी कटौती से घरेलू बजट बिगड़ रहा है। उनका आरोप है कि बाहरी जिलों में बसों का अधिक चालान किया जाता है। उनका कहना है कि उन्होंने सवारी बैठाने के लिए बसें रोकी थी और चालान कर दिया गया। वहीं इस प्रकरण में क्षेत्रीय प्रबंधक रवींद्र सिंह ने बताया कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है और जिस चालक की गलती से चालान होता है, जुर्माना उसी से वसूला जाता है।

ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया

बॉक्स

39 चालानों होने पर बस को किया ब्लैकलिस्ट

लीडर रोड डिपो की एक बस का कानपुर में 39 बार चालान हुआ, जिस पर 67 हजार रुपये का जुर्माना लगा। लगातार नियम उल्लंघन के चलते बस को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया गया है। यह मामला अब अन्य चालकों के लिए भी चेतावनी बन गया है कि सड़क पर छोटी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक सजा में बदल सकती है।

सामान्यत: पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यों संविदा चालकों के वेतन में कटौती हो रही है?
संविदा चालकों के वेतन में कटौती यातायात नियमों का उल्लंघन करने के कारण चालान की जुर्माना राशि से हो रही है।
Piyush Kumar Srivastava

लेखक के बारे में

Piyush Kumar Srivastava

शॉर्ट बायो: पीयूष श्रीवास्तव पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ प्रयागराज में रेलवे, रोडवेज, एयरवेज, बिजली और बिजनेस की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव
पीयूष श्रीवास्तव भारतीय प्रिंट व डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में पीयूष ‘हिन्दुस्तान’ अखबार व ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बिजनेस, बिजली व परिवहन की खबरों को देख रहे हैं। 2015 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।


करियर का सफर
पीयूष श्रीवास्तव ने अपने करियर की शुरुआत दिसंबर 2007 में ‘आई नेक्स्ट, दैनिक जागरण’ अखबार से की थी। इस दौरान क्राइम की खबरों पर महारत हासिल की। जून 2015 में ‘हिन्दुस्तान’ अखबार प्रयागराज में सेवाएं देना शुरू किया। 2015 से 2024 तक क्राइम की रिपोर्टिंग की। वर्तमान में रेलवे, रोडवेज और एयरवेज के साथ ही बिजली और अर्थ-व्यापार से जुड़ी खबरें लिख रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। स्टेट यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली। उसी वक्त से लगातार प्रिंट मीडिया में सक्रिय रहे हैं। शुरूआती दौर में क्राइम रिपोर्टिंग और अब रेलवे, रोडवेज, एयरवेज के साथ ही बिजली, बिजनेस और परिवहन की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।


रिपोर्टिंग और विजन
बिजली, परिवहन, बिजनेस, क्राइम की गतिविधियों की खबरों के साथ ही माघ मेला व कुम्भ मेला में रिपोर्टिंग का पीयूष श्रीवास्तव का लंबा अनुभव है। वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुम्भ के दौरान रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व कर महाकुम्भ की कई स्पेशल स्टोरी की। 2013 के महाकुम्भ और 2019 के कुम्भ की रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। पीयूष का मानना है कि सत्य, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जनता की आवाज़ को सशक्त मंच देना ही पत्रकार का मुख्य दायित्व है।


विशेषज्ञता
प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड की रिपोर्टिंग का अनुभव।
प्रयागराज के चर्चित अतीक-अशरफ हत्याकांड की खास रिपोर्टिंग।
रेलवे, रोडवेज और एयरवेज की खबरों पर पैनी नजर।
जीएसटी के जानकार, व्यापारियों की समस्याओं की गहरी समझ।

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