25 फीसदी तक बढ़ सकती है माल ढुलाई
Prayagraj News - प्रयागराज में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के बाद ट्रांसपोर्टरों ने भाड़ा बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इलाहाबाद गुड्स ट्रांसपोर्टर यूनियन ने 25 प्रतिशत तक किराया बढ़ाने का संकेत दिया है, जिससे रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है।

प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी के बाद अब ट्रांसपोर्टरों ने भी भाड़ा बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इलाहाबाद गुड्स ट्रांसपोर्टर यूनियन ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही माल ढुलाई का किराया 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने का सीधा असर फल-सब्जी, किराना, खाद्य तेल, कपड़े और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ने की आशंका है।
ट्रांसपोर्ट की लागत में वृद्धि
इलाहाबाद गुड्स ट्रांसपोर्टर यूनियन के अध्यक्ष अनिल कुशवाहा ने बताया कि सरकार लगातार कमर्शियल और घरेलू गैस के दाम बढ़ा रही है और अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन क्षेत्र पर सीधा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि टोल टैक्स में 20 प्रतिशत तक वृद्धि हो चुकी है। दिल्ली में गेट पास शुल्क बढ़ा दिया गया है, जबकि बीएस-4 वाहनों के संचालन को लेकर अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है।
भाड़ा बढ़ाने की तैयारी
उन्होंने कहा कि लगातार अधिभार बढ़ने के कारण अब ट्रांसपोर्टरों के पास भाड़ा बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। यूनियन 25 प्रतिशत तक माल भाड़ा बढ़ाने की तैयारी कर रही है, क्योंकि बार-बार छोटे स्तर पर किराया बढ़ाना संभव नहीं होता।
भाड़ा और खाद्य पदार्थों पर असर
अनिल कुशवाहा ने बताया कि अभी दिल्ली से प्रयागराज तक एक ट्रक का भाड़ा 52 से 54 हजार रुपये के बीच पड़ता है, जो बढ़कर 60 हजार रुपये से अधिक हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसका असर सभी खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। बैठक में पंकज खेर, अजीत जायसवाल, अनूप श्रीवास्तव और अमित सिंह समेत कई ट्रांसपोर्ट कारोबारी मौजूद रहे।
फल और सब्जियों के दाम पर दिखेगा असर
प्रयागराज। फल और सब्जी कारोबारियों ने भी अगले एक सप्ताह में कीमतों में तेजी आने की आशंका जताई है। सब्जी और फलों के थोक विक्रेता सतीश कुशवाहा ने बताया कि डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका असर सीधे मंडियों पर दिखाई देगा।
उन्होंने बताया कि मुंडेरा मंडी में आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, दिल्ली और केरल समेत कई राज्यों से फल और सब्जियां आ रही हैं। इस समय ओडिशा से आम, पंजाब से शिमला मिर्च और नासिक से अदरक व टमाटर की आपूर्ति हो रही है। फिलहाल गंगा के कछार क्षेत्रों से स्थानीय सब्जियां आने के कारण बाजार संतुलित है, लेकिन एक सप्ताह बाद ट्रांसपोर्ट भाड़ा बढ़ने का असर दिखना शुरू हो जाएगा।
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