
ट्रेन की चपेट में आने से 11 महीने में 936 की गई जान
Prayagraj News - प्रयागराज में उत्तर मध्य रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से नवंबर तक 936 लोग ट्रेन की चपेट में आकर मारे गए हैं। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 979 था। हालांकि मौतों की संख्या में कमी आई है, पर रेलवे ट्रैक पर होने वाली घटनाएं गंभीर बनी हुई हैं। सबसे अधिक मौतें प्रयागराज मंडल में हुई हैं।
प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। उत्तर मध्य रेलवे में इस वर्ष जनवरी से नवंबर तक 11 महीनों में 936 लोग ट्रेन की चपेट में आकर मौत के शिकार हो चुके हैं। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 979 था। मौतों की संख्या जरूर कम हुई, लेकिन रेलवे ट्रैक पर होने वाली घटनाओं की भयावहता जस की तस बनी हुई है। एनसीआर के आंकड़े बताते हैं कि सबसे अधिक प्रयागराज मंडल में 549 लोगों ने जान गंवाई, पिछले वर्ष यह संख्या 601 थी। झांसी मंडल में 252 और आगरा मंडल में 135 लोगों की मौत दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष ये आंकड़े क्रमशः 250 और 128 थे।
झांसी में इस वर्ष हादसों की संख्या बढ़ी है, जबकि आगरा और प्रयागराज में कमी आई है। दरअसल, बीते पांच नवंबर को चुनार रेलवे स्टेशन पर हुआ दर्दनाक हादसा पूरे जोन के लिए चेतावनी बनकर उभरा है। उस दिन श्रद्धालुओं की भीड़ स्टेशन पर मौजूद थी। कुछ लोग जल्दबाजी में रेलवे लाइन पार कर रहे थे कि अचानक तेज रफ्तार हावड़ा–कालका मेल आ गई। छह श्रद्धालु ट्रेन की चपेट में आकर कट गए। इस घटना के बाद से पूरे एनसीआर में आरपीएफ जागरूकता अभियान चला रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रैक पर होने वाली ज्यादातर मौतों की वजह अनधिकृत तरीके से रेलवे लाइन पार करना है। वहीं कई जगहों पर रेलवे ट्रैक के नीचे लेट कर आत्महत्या करने के मामले भी सामने आए हैं।

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