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लिपिक की नियुक्ति निरस्त करने का का आदेश रद्द

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जगनारायण तिवारी जूनियर हाईस्कूल साधोगंज वाराणसी के लिपिक की नियुक्ति निरस्त करने के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश को रद्द...

लिपिक की नियुक्ति निरस्त करने का का आदेश रद्द
हिन्दुस्तान टीम,प्रयागराजSat, 25 May 2024 01:15 AM
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जगनारायण तिवारी जूनियर हाईस्कूल साधोगंज वाराणसी के लिपिक की नियुक्ति निरस्त करने के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश को रद्द कर दिया है और तत्काल कार्यभार सौंपकर नियमित वेतन भुगतान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को एक माह में याची को बतौर हर्जाना 10 हजार रुपये का भुगतान करने का निर्देश भी दिया है। कोर्ट ने इसके लिए दोषी अधिकारी से वसूली करने की छूट दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने अविनाश कुमार त्रिपाठी की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा कि जिस शासनादेश के आधार पर नियुक्ति निरस्त की गई है, वह याची के मामले में लागू नहीं था। शैक्षिक स्टाफ की नियुक्ति पर लगा बैन‌ हटा लिया गया था। नान टीचिंग स्टाफ पर यह शासनादेश लागू नहीं था

इसलिए लिपिक की नियुक्ति निरस्त करने का बीएसए का आदेश विधि विरुद्ध है। याची के अधिवक्ता केएस कुशवाहा का कहना था कि विद्यालय में लिपिक के सेवानिवृत्त होने से रिक्त पद भरने की प्रबंध समिति ने बीएसए से अनुमति लेकर चयन समिति गठित की। एक आब्जर्वर की निगरानी में चयन हुआ और याची ने ज्वाइन किया। नियुक्ति को बीएसए ने अनुमोदित भी कर दिया। बाद में किसी शिकायत पर याची का वेतन रोकते हुए नियुक्ति निरस्त कर दी गई। हाईकोर्ट ने आदेश रद्द कर नए सिरे से निर्णय लेने का आदेश दिया, जिस पर दोबारा वही आदेश हुआ तो फिर से दाखिल याचिका पर कोर्ट ने याची की नियुक्ति निरस्त करने का बीएसए का आदेश रद्द कर दिया।

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