आईटीसी चोरी की आशंका में 21 फर्जी फर्मों का पंजीकरण निरस्त
Prayagraj News - प्रयागराज में जीएसटी प्रणाली में टैक्स चोरी की आशंका के चलते राज्य कर विभाग ने 21 फर्जी फर्मों का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। जांच में पता चला कि ये फर्म कागजों पर ही मौजूद थीं और इनसे करोड़ों रुपये की टैक्सेबल वैल्यू बनाई गई थी। इनका उद्देश्य फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेना था।

प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। जीएसटी प्रणाली में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की आशंका को देखते हुए राज्य कर विभाग ने 21 फर्जी फर्मों का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। जांच में पाया गया कि इन फर्मों का अस्तित्व धरातल पर नहीं था और केवल कागजों पर खरीद-बिक्री दिखाकर करोड़ों रुपये की टैक्सेबल वैल्यू बनायी गई थी। उद्देश्य इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फर्जी तरीके से लाभ लेना बताया जा रहा है, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान होता। सूत्रों के मुताबिक विभाग ने हाल ही में पंजीकृत फर्मों की विशेष जांच शुरू की थी। इसमें गंगापार और यमुनापार स्थित कई इकाइयों पर संदेह हुआ।
अलग-अलग टीमों को स्थलीय निरीक्षण में पता चला कि जिन पते पर फर्म दर्ज थीं, वहां कोई व्यापारिक गतिविधि नहीं मिल सकी। आश्चर्य यह भी रहा कि व्यवसाय न होने के बावजूद इन फर्मों में लाखों-करोड़ों रुपये की खरीद-बिक्री दर्ज थी। पंजीकरण में उपयोग किए गए कई दस्तावेज दिल्ली, मुंबई, पंजाब, कौशाम्बी और मध्य प्रदेश के व्यक्तियों के नाम पर मिले, जो संदिग्ध प्रतीत हो रहे हैं। जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचते ही सभी 21 पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए और पूरी रिपोर्ट एसआइटी को सौंप दी गई है। एसआइटी अब प्रत्येक बिंदु की गहन जांच कर रही है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में कई फर्जी फर्म खोल कर करोड़ों रुपये की आईटीसी चोरी पकड़ी थी। इसके बाद संबंधित फर्म संचालकों के खिलाफ सिविल लाइंस, झूंसी और नैनी थाने में एसजीएसटी के अफसरों ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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