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23 सितम्बर, 2020|3:06|IST

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छात्रों ने कुलपति दफ्तर में जड़ा ताला

छात्रों ने कुलपति दफ्तर में जड़ा ताला

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों प्रवेश दिए जाने की मांग को लेकर छात्रों ने सोमवार साढ़े तीन बजे के करीब, कुलपति, चीफ प्रॉक्टर, डीएसडब्ल्यू कार्यालय में तालाबंदी कर दी। आंदोलनकारी छात्र ने कहा कि जब तक हॉस्टल का ताला नहीं खुलेगा तब तक प्रशासनिक दफ्तरों में भी ताला बंद रहेगा।

ज्ञात हो कि हॉस्टल में प्रवेश की मांग को लेकर काफी संख्या में छात्र 12 दिन से डीएसडब्ल्यू कार्यालय के सामने धरना दे रहे थे। आरोप लगाया कि इविवि प्रशासन की ओर से कोई प्रशासनिक अधिकारी वार्ता करने नहीं आए। हद तो तब हो गई कि आंदोलनरत छात्रों के हालत बिगड़ने पर चिकित्सकीय सुविधा भी नहीं उपलब्ध कराई गई। छात्रों ने बताया कि सोमवार को तकरीबन तीन बजे चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय छात्रों के पास पहुंचे। उन्होंने छात्रों को स्पष्ट बताया कि परीक्षा ऑनलाइन मोड में होगी। ऐसी स्थिति में हॉस्टलों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके बाद आक्रोशित छात्रों ने कुलपति, डीएसडब्ल्यू और चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में ताला बंद कर दिया। छात्रनेता शरद शंकर ने कहा कि सत्याग्रह आमरण अनशन के बावजूद भी छात्रों के हित में परिणाम न आने पर इस उद्देश्य के साथ तालाबंदी किया गया कि वह अपने कार्यालय के भीतर छात्र हित में निर्णय लेने के लिए विवश हों।

ताला जड़ने पर नौ छात्र निलंबित

इविवि के कुलपति, डीएसडब्ल्यू और चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में ताला जड़ने के मामले में नौ छात्रों को निलंबित कर दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कर्नलगंज थाने में तहरीर दे दी है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय ने बताया कि सत्यम कुशवाहा, शरद शंकर मिश्र, मो. मसूद अंसारी, उत्कर्ष दुबे, धनंजय कुशवाहा, विजय सेन सिंह, रितेश कुमार, पवन कुमार यादव और आनन्द यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।