
डीएलएड प्रशिक्षुओं की मदद से होगा निपुण विद्यालय आकलन
संक्षेप: Prayagraj News - प्रयागराज में निपुण भारत मिशन को मजबूत करने के लिए, बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 और 2 के बच्चों के सीखने के स्तर का आकलन करने का निर्णय लिया है। यह आकलन दिसंबर और फरवरी 2026 में डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा किया जाएगा, जिससे बच्चों की पढ़ने-लिखने और गणित समझने की क्षमता में सुधार होगा।
प्रयागराज। निपुण भारत मिशन को और मजबूत बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने नया फैसला लिया है। कक्षा 1 और 2 के बच्चों के सीखने के स्तर का पता लगाने के लिए इस वर्ष भी ‘निपुण विद्यालय आकलन’ डीएलएड प्रशिक्षुओं की मदद से कराया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि बच्चों की पढ़ने-लिखने और गणित समझने की क्षमता को बेहतर किया जा सके। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से जारी पत्र के अनुसार यह आकलन दिसंबर और फरवरी 2026 में आयोजित होगा। इसके लिए आवश्यक दक्षताओं की सूची सभी विद्यालयों को भेज दी गई है।

डीएलएड प्रशिक्षु चार दिसंबर से विद्यालयों में जाकर बच्चों का आकलन करेंगे। हर दिन दो प्रशिक्षु मिलकर दो प्राथमिक या कंपोजिट विद्यालयों का परीक्षण करेंगे। प्राचार्य, डायट को 25 नवंबर तक प्रशिक्षुओं का रोस्टर बनाकर भेजना होगा, ताकि सभी विद्यालयों का आकलन समय पर पूरा हो सके। निर्देश दिया गया है कि आकलन वाले दिन प्रधानाध्यापक और शिक्षक 100% उपस्थिति सुनिश्चित करें, ताकि बच्चे बिना तनाव और सहज माहौल में परीक्षण दे सकें। नियमित अभ्यास के लिए बच्चों का मूल्यांकन निपुण एप पर पहले से कराया जाएगा, जिससे बच्चे आत्मविश्वास के साथ मुख्य आकलन में भाग लें। यह कदम बच्चों की मूलभूत शिक्षा को मजबूत करने और उन्हें निपुण लक्ष्य हासिल कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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