आधार कार्ड नहीं है तो क्या हुआ, मोहब्बत तो है...
प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में पहचान पत्र न होने पर मरीजों और तीमारदारों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर नहीं मिलती। विद्यावती ने अपने पति को पीठ पर लादकर अस्पताल पहुंचाया क्योंकि उनके पास आधार कार्ड नहीं था। अस्पताल ने पहचान पत्र के नियमों को सख्ती से लागू किया है।
प्रयागराज, ईश्वर शरण शुक्ल। एसआरएन अस्पताल में जिन मरीजों और तीमारदारों के पास कोई पहचान पत्र नहीं रहता उन्हें स्टैंड पर स्ट्रेचर और व्हीलचेयर नहीं दी जाती। जब भी किसी को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर की जरूरत होती है तो उसे अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक जमा करना पड़ता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ लोग स्ट्रेचर और व्हीलचेयर जरूरत पर ले जाने के बाद स्टैंड पर वापस नहीं करते।
विद्यावती की कहानी
इसी व्यवस्था का खामियाजा हाईकोर्ट के पास की रहने वाली विद्यावती को उठाना पड़ा। वे रविवार को 35 वर्षीय पति राजेंद्र प्रसाद को लेकर इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल पहुंचीं। लेकिन उनके पास आधार कार्ड न होने के कारण स्ट्रेचर नहीं मिल सका। पति की गंभीर स्थिति को देखते हुए विद्या उन्हें पीठ पर लादकर ट्रामा सेंटर पहुंचीं। इलाज के बाद दोबारा पीठ पर लादकर अस्पताल के प्रवेश द्वार तक आईं। विद्यावती से पूछा गया तो उन्होंने पहले आधार कार्ड न होने की वजह बताई फिर मुस्कुराते हुए बोलीं-आधार कार्ड नहीं है तो क्या हुआ मेरे पास हिम्मत और मोहब्बत तो है....।
आधार कार्ड की चोरी
एक माह पहले चोरी हो गया आधार कार्ड
मूलरूप से सिराथू की रहने वाली विद्यावती पति राजेन्द्र, आठ वर्षीय बेटी रीना और छह वर्षीय टीना के साथ हाईकोर्ट मजार के पास सड़क के किनारे झोपड़ी में रहती हैं। बताया कि 10 दिन पहले ई-रिक्शा पलटने से पति के पैर में फ्रैक्चर हो गया था। पहले दिन जब इलाज के लिए अस्पताल आई थी तब भी आधार कार्ड न होने पर स्ट्रेचर नहीं मिला था। तब भी पति को पीठ पर लादकर इलाज के लिए ले गयी थी। बताया कि उनके पति का आधार कार्ड एक माह पहले चोरी हो गया।
स्ट्रेचर के लिए नई व्यवस्था
मोबाइल से स्ट्रेचर मिलने की व्यवस्था खत्म
अस्पताल में दो माह पहले तक स्ट्रेचर या व्हीलचेयर लेने के लिए मरीज व तीमारदारों को मोबाइल भी जमा करना पड़ता था। लेकिन अब मोबाइल के बजाए आधार कार्ड, पैन या ड्राइविंग लाइसेंस की मूल कॉपी जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
जरूरत पर स्ट्रेचर और व्हीलचेयर सभी मरीजों और तीमारदारों को मिलता है। जिसके पास कोई पहचान पत्र नहीं रहता उसे भी स्ट्रेचर दिया जाता है।
-डॉ. नीलम सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, एसआरएन अस्पताल।
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