थर्मल इमेजिंग से मवेशियों में बीमारी की शैश्वास्था में पहचान संभव
Prayagraj News - प्रयागराज में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के वैज्ञानिकों ने थर्मल इमेजिंग तकनीक पर आधारित एक स्मार्ट अलर्ट सिस्टम विकसित किया है। यह प्रणाली मवेशियों में बीमारी की प्रारंभिक पहचान करेगी और असामान्य तापमान पर किसान को अलर्ट भेजेगी। इससे पशुओं की मृत्यु दर में कमी और इलाज के खर्च में भी कमी आएगी।

प्रयागराज। देश में पशुधन संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी और राहत भरी पहल सामने आई है। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) के वैज्ञानिकों ने थर्मल इमेजिंग तकनीक पर आधारित एक स्मार्ट अलर्ट सिस्टम विकसित कर रहे हैं। जिससे मवेशियों में बीमारी की शैश्वावस्था (प्रारंभिक अवस्था) में ही पहचान संभव हो सकेगी। यह प्रणाली मवेशियों के शरीर के तापमान में होने वाले सूक्ष्म बदलावों को थर्मल कैमरों के माध्यम से रिकॉर्ड करेगी। जैसे ही किसी पशु में असामान्य तापमान या संभावित रोग के संकेत मिलते हैं, सिस्टम स्वतः सक्रिय होकर संबंधित किसान के मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजने में सक्षम होगा।
खास बात यह है कि यह अलर्ट स्थानीय भाषा में होगा, जिससे ग्रामीण किसानों को समझने और तत्काल कार्रवाई करने में कोई कठिनाई न हो। अलर्ट के साथ ही संभावित बीमारी, प्राथमिक उपचार और नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क की जानकारी भी साझा की जाएगी। इससे न केवल समय पर इलाज संभव होगा, बल्कि गंभीर बीमारियों के फैलाव पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। संस्थान के आईटी विभाग के डॉ. सतीश कुमार सिंह ने बताया कि यह तकनीक छोटे और सीमांत किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी, क्योंकि उन्हें अब पशु बीमार पड़ने के बाद बड़े नुकसान का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रारंभिक पहचान से दवाइयों का खर्च कम होगा और पशुओं की मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय गिरावट आएगी।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




