Wednesday, January 26, 2022
हमें फॉलो करें :

मल्टीमीडिया

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश प्रयागराजबार से आयकर वसूली के बाद वकीलों को सेवाकर का नोटिस

बार से आयकर वसूली के बाद वकीलों को सेवाकर का नोटिस

हिन्दुस्तान टीम,प्रयागराजNewswrap
Sun, 27 Jun 2021 03:40 AM
बार से आयकर वसूली के बाद वकीलों को सेवाकर का नोटिस

- कानून में वकीलों व उनकी फर्मों को है सेवाकर से छूट

प्रयागराज। विधि संवाददाता

हाईकोर्ट बार से आयकर वसूली के बाद यहां के वकीलों को केंद्रीय जीएसटी आयुक्त कार्यालय की तरफ से सेवाकर अदा करने का नोटिस भेज दिया गया है। इससे वकीलों में खलबली मच गई है। विभाग ने कई वकीलों को सेवाकर का नोटिस जारी किया है जबकि विधिक सेवा प्रदान करने वाले वकीलों व उनकी फर्मों को कानून में सेवा कर से छूट दी गई है। इसके बावजूद केंद्रीय कर अधिकारियों ने कानून को धता बताते हुए सेवाकर वसूली का नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है।

सेवाकर विभाग ने ही 20 जून 2012 की अधिसूचना को आठ मार्च 2017 को संशोधित कर वकीलों व विधिक कार्य करने वाली वकील फर्मो को सेवाकर के दायरे से बाहर किया है। बताते हैं कि उड़ीसा में भी इसी प्रकार वकीलों से सेवाकर की वसूली कार्रवाई शुरू की गई थी। उड़ीसा हाईकोर्ट ने जीएसटी आयुक्त को वकीलों की सेवाकर छूट का स्पष्ट परिपत्र जारी करने और वकीलों के उत्पीड़न पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।

महामारी के दंश के बाद सेवाकर के नोटिस से वकीलों में भारी असंतोष है। वकीलों का कहना है कि विभाग ने नोटिस वापस नहीं लिया तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। वकील कहते हैं कि कोरोना काल में अदालतें सीमित दायरे में काम कर रही हैं। इससे आम वकीलों के लिए जीवन यापन करना दुरूह हो गया है। केंद्र सरकार अपने वकीलों की फीस का भुगतान वर्षों नहीं करती।देरी से भुगतान करने वाले राजस्व सहित अन्य विभाग के खिलाफ कोई जवाबदेही तय नहीं की जाती।

राज्य सरकार इस महामारी में वकीलों की मदद करने की बजाय अपने अधिवक्ताओं की फीस में 20 से 30 फीसदी तक की कोरोना कटौती कर रही है।

epaper

संबंधित खबरें