ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेश प्रयागराज गांवों में बहेगी, दूध-दही की नदी, पशु पालकों को मिलेगा घर के पास बाजार

गांवों में बहेगी, दूध-दही की नदी, पशु पालकों को मिलेगा घर के पास बाजार

आने वाले करीब छह से आठ महीने के भीतर गांवों में न सिर्फ दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि पशु पालकों को दूध बेचने के लिए बाजार भी उनके गांव या...

 गांवों में बहेगी, दूध-दही की नदी, पशु पालकों को मिलेगा घर के पास बाजार
हिन्दुस्तान टीम,प्रयागराजThu, 22 Feb 2024 12:30 PM
ऐप पर पढ़ें

प्रयागराज। आने वाले करीब छह से आठ महीने के भीतर गांवों में न सिर्फ दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि पशु पालकों को दूध बेचने के लिए बाजार भी उनके गांव या उसके आसपास उपलब्ध होगा। इसके लिए छह बड़े फर्मों की ओर से जिले में कुल 189 करोड़ का निवेश कर डेयरी उद्योग लगाने की तैयारी चल रही है।
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) में सरकार के साथ एमओयू करने वाले मुरलीधर दुग्ध ग्राम उद्योग संस्थान के सीएमडी जितेंद्र यादव के अनुसार सैदाबाद में लगे प्लांट में डेयरी प्रोडक्ट को बढावा दिया जाएगा। प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी। गांवों में दूध एकत्रित करने के लिए एक-एक व्यक्ति की तैनाती की गई है। वह वहां से दूध एकत्रित करेंगे और प्लांट में पहुचाएंगे। जहां डेयरी प्रोडक्ट बनाकर प्रयागराज के साथ दूसरे जिले में निर्यात किया जाएगा। एक अनुमान के अनुसार करीब ढाई लाख लीटर प्रति दिन दूध एकत्रित करने की योजना है। उद्योग को बढ़ाने में 150 करोड़ निवेश किया जाएगा। राज राजेश्वर इंटरप्राइज के मालिक सुनील मिश्रा ने बताया कि कोरांव में मिल्क चीलिंग प्लांट लगाया जाएगा। उद्योग में प्राथमिक तौर 12 करोड़ निवेश करने की योजना है। श्रमिक गांवों से दूध एकत्रित करेंगे। पशुपालकों को मौके पर पैसे का भुगतान होगा और यहां से दूध शहरी क्षेत्र में निर्यात किया जाएगा।

इसके लिए करीब आठ से 10 वाहन लगाए जाएंगे। विजय डेयरी के एमडी अजीत कुमार सिंह का कहना है कि कोरांव में ही प्लांट लगाया जाएगा। इसमें 10 करोड़ निवेश की तैयारी है। कर्मचारी एक-एक घर से दूध एकत्रित करेंगे और फिर प्लांट में खोवा, पनीर, मिठाई, पॉली पैक तैयार कर शहरी बाजारों में निर्यात किया जाएगा। उद्योग के लिए करीब 50 हजार लीटर दूध प्रतिदिन खरीदने की तैयारी है। इधर, मधुरम मिल्क एंड चिलिंग प्लांट के मालिक संजीव कुमार पांडेय का कहना है कि 10 करोड़ के निवेश से फूलपुर में प्लांट लगाकर डेयरी प्रोडक्ट बनाने की योजना है। इस प्लांट के स्थापित होने से प्रति दिन 300-400 पशु पालकों को दूध शहरी क्षेत्र में पहुंचकर दूध बेचने की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। प्लांट में दूध का पाउडर, पनी, खोवा, स्टीम मिल्क तैयार कर इसे बाजारों में पहुंचाया जाएगा। ग्रामीणों के यहां से दूध खरीदने से लेकर प्रोडक्ट बनाने और उसे बाजार में बेचने तक का काम फर्म करेगी।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें