बोले प्रयागराज : कागज पर शहरी, धरातल पर गांव से भी बदतर

May 19, 2025 05:53 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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Prayagraj News - प्रयागराज के मड़ौका स्थित सरस्वती नगर कॉलोनी की बड़ी आबादी बिजली, पानी, सड़क और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रही है। वार्ड 29 में शामिल होने के बावजूद, यहां के निवासी कई वर्षों से बिजली...

बोले प्रयागराज : कागज पर शहरी, धरातल पर गांव से भी बदतर

प्रयागराज, हिन्दुस्तान टीम। मड़ौका स्थित सरस्वती नगर कॉलोनी की एक बड़ी आबादी बिजली, पानी, सड़क, सफाई, सीवर एवं बिजली के पोल न होने की समस्या से जूझ रही है। शहर के विस्तारीकरण के क्रम में वार्ड संख्या 29 में एक बड़ा भूभाग नगर निगम के दायरे में शामिल तो कर लिया गया लेकिन बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाईं जिससे यहां के लोग परेशान हैं। इस वृहद कॉलोनी के फेस 8 एवं 9 में सैकड़ों परिवार रह रहे हैं जो कई वर्षों से चली आ रही बिजली की समस्या से तंग आ चुके हैं। यहां बमुश्किल से पांच-छह घंटे ही बिजली मिल पाती है।

सम्पर्क मार्ग बदहाल हैं और कच्ची सड़कों पर धूल उड़ती है। बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है, कॉलोनी में सीवर लाइन नहीं बिछ पाई है, सफाई व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। नगर निगम के विस्तारित क्षेत्र में मड़ौका की सरस्वती नगर कॉलोनी भी आ चुकी है। पिछली बार हुए चुनाव में यहां के लोगों ने मतदान कर अपना पार्षद तो चुन लिया है लेकिन नगरीय सुविधाओं से आज भी वंचित हैं। सेक्टर 8 व 9 के बाशिंदे कई वर्षों से बिजली की समस्या से परेशान हैं। यहां मामा भांजा का तालाब विद्युत उपकेंद्र से आपूर्ति होती है। फेस एक से सात तक तो शहरी बिजली दी जा रही है लेकिन फेस 8 एवं 9 में ग्रामीण स्तर की आपूर्ति हो रही है। यहां लगे ट्रांसफार्मर आए दिन फुंकने से कई दिनों तक तक लोग बिना बिजली के रहते हैं। यहां लगे 63 केवी के ट्रांसफार्मर पर तीन गुना अधिक लोड होने से समस्या पैदा हो रही है जिसे बदलकर उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया जाना जरूरी है। लोगों की शिकायत है कि बिजली विभाग के लोगों की मिलीभगत से कुछ लोग एक केवी के घरेलू कनेक्शन पर व्यावसायिक गतिविधियां कर रहे हैं जिसके कारण लोड बढ़ जाता ह्रै। लोड बढ़ने पर एमसीबी गिर जाता है और आपूर्ति चालू होने में दो घंटे लग जाते हैं। यहां सफाई व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। सफाईकर्मी कभी कॉलोनी में दिखते ही नहीं जिससे जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। लम्बे समय से यहां दवाओं का छिड़काव भी नहीं किया गया और न ही कभी फागिंग होती है। कच्चे रास्ते पर चलना है मजबूरी फेस 8 और 9 के लोग लोग कब से पक्की सड़क का इंतजार कर रहे हैं लेकिन इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। फेस 8 एवं 9 में लोगों को कच्चे रास्ते से होकर अपने घरों तक पहुंचना पड़ता है। इन कच्चे रास्तों पर धूल उड़ती रहती है। बारिश के दिनों में परेशानी काफी बढ़ जाती है। मार्ग पर पानी जमा हो जाता है और लोग गंदे पानी व कीचड़ भरे रास्ते को पार कर आते-जाते हैं। यहां डामर रोड के साथ ही आरसीसी रोड एवं इंटरलॉकिंग की सख्त जरूरत है लेकिन लगातार शिकायत के बावजूद आज तक कुछ नहीं हुआ। खुद बीमार है स्वास्थ्य केंद्र सरस्वती नगर के फेस आठ में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र बदहाल पड़ा है। यहां आने वालों को तमाम परेशानी उठानी पड़ती है। केंद्र की बाउंड्री गिर चुकी है और कई बार चोरी हो चुकी है। दरवाजा लोग उखाड़ ले गए हैं। यहां तक पहुंचने के लिए रास्ता भी नहीं बनाया जा सका है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि परिसर में लगा हैंडपंप तीन साल से खराब है। लगातार शिकायत के बाद भी इसे नहीं बनाया गया जिससे यहां आने वाले लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। बल्लियों पर दौड़ रहे है बिजली के तार कॉलोनी के फेस 8 एवं 9 में अधिकतर स्थानों पर बिजली के पोल नहीं लगे हैं। कॉलोनी में बल्लियों के सहारे बिजली के तार दौड़ रहे हैं जो बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं। कॉलोनीवासियों ने बताया कि उन्होंने बिजली के कनेक्शन तो ले लिए लेकिन बिजली के पोल न होने के कारण चार-पांच सौ मीटर दूर से केबल खींच कर बिजली लेनी पड़ी है। दूर से तार खींच कर लाने की वजह से तार ढीले होकर लटके रहे हैं और शार्ट सर्किट का खतरा बना रहता है। सीवर लाइन बिछीं न बनीं नालियां नगर निगम में शामिल कर लेने के बाद भी यहां अभी तक सीवर लाइन नहीं पहुंच पाई है जिससे लोग सीवर की सुविधा से वंचित हैं। जल निकासी के लिए पक्की नालियां भी नहीं बनाई गई है जिससे बारिश के दिनों में रास्तों पर पानी भरा रहता है। इससे लोग परेशान रहते हैं। पानी की पाइप लाइन बिछी पर नहीं शुरू हुई सप्लाई कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइने पिछले दिनों बिछाने का काम पूरा किया गया लेकिन इनसे आपूर्ति शुरू नहीं की गई है। पेयजल के लिए लोगों ने अपने स्तर से सबमर्सिबल पम्प लगा रखा है जिससे उनकी जरूरतें पूरी हो रही हैं। यहां पानी के टंकी से जलापूर्ति की जानी है लेकिन अभी तक टंकी का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया है। शिकायतें -बिजली कटौती एवं लोकल फाल्ट की समस्या है, लो वोल्टेज से भी लोग परेशान हैं। -सड़क न बनने से कच्चे रास्ते से आना जाना पड़ रहा है। बारिश में मार्ग पर पानी भर जाता है। -जल निकासी के लिए पक्की नालियां नहीं है। गंदा पानी सड़क पर जमा हो जाता है। -सीवर लाइन नहीं बिछ पाई है, लोगों को सीवर की सुविधा नहीं मिल पा रही है। -पेयजल के लिए बिछाई गई पाइप लाइनों से जलापूर्ति शुरू नहीं की गई है। -बिजली के पोल जरूरत के मुताबिक नहीं लगे हैं। बल्लियों के सहारे तार दौड़ रहे हैं। -सफाई व्यवस्था का अभाव है, गंदगी से बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। समाधान -ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाई जाए और उच्च क्षमता का ट्रांसफॉर्मर लगाया जाए। -डामर रोड, आरसीसी रोड बनाए जाएं, सम्पर्क मार्गों पर इंटरलाकिंग की जाए। -जल निकासी के लिए मार्ग के दोनों तरफ पक्की नालियां बनाई जाएं। -पूरी कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाकर उसे मेन लाइन से जोड़ा जाए। -पानी की टंकी का निर्माण पूरा कर पाइप लाइनों से जलापूर्ति की जाए। -आवश्यकतानुसार बिजली के पोल लगाए जाएं और उससे आपूर्ति की जाए। -सफाई व्यवस्था दुरुस्त कर कीटनाशकों का छिड़काव और नियमित फागिंग हो। हमारी भी सुनें-- बिजली की समस्या से हम लोग परेशान हो चुके हैं, इतनी बिजली भी नहीं आती की इन्वर्टर चार्ज हो सके। इस गर्मी में दिन के साथ रात में बिजली जाने की वजह से चैन से सो भी नहीं सकते।-अविनाश शुक्ला पूरे दिन में मुश्किल से 6-7 घंटे बिजली ही मिलती है। बिजली आती भी है तो लो वोल्टेज के कारण उपकरण चल नहीं पाते। वोल्टेज के हाई-लो होने के कारण आए दिन लोगों के उपकरण खराब हो रहे हैं।-सुफियान खान सड़कें और संपर्क मार्ग न बनने से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। जरा सी बारिश हो जा जाए तो लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। सड़क और संपर्क मार्ग बनना जरूरी है।-सुरेंद्र सिंह कच्ची सड़क से आने-जाने में काफी दिक्कतें हो रही हैं। बारिश में कच्चे मार्ग पर पानी भर जाता है और रास्ता बंद हो जाता है। छोटे बच्चे कीचड़ और गंदे पानी से होकर स्कूल जाते हैं जिससे यूनिफार्म खराब हो जाती है।-विवेक सिंह सड़क और बिजली यहां की बहुत बड़ी समस्या है। बिजली का तो यह हाल है कि कब आएगी और कब चली जाएगी कोई नहीं जानता। इससे लोग परेशान हो गए हैं। लम्बे समय से इस समस्या का निदान नहीं हो सका है।-राजेंद्र कुमार यहां पर लगा ट्रांसफॉर्मर कम क्षमता का होने के कारण आए दिन फुंक जाता है और लोकल फाल्ट बना रहता है। लोग उच्च क्षमता का ट्रांसफॉर्मर लगाने की बराबर मांग कर रहे हैं। नया ट्रांसफार्मर लगना जरूरी है।-उज्ज्वल प्रकाश बिजली थोड़ी-थोड़ी देर पर कटती रहती है जिसके कारण लोग परेशान रहते हैं। बिजली कब आएगी और कब चली जाएगी इसका किसी को पता नहीं रहता। जब बिजली आती है तो लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है।-अर्चित मिश्रा बिजली की आवाजाही ने लोगों का सकून छीन लिया है। एक-एक घंटे के अंतराल पर बिजली कट जाती है जिसके कारण लोगों का घर में रहना भी मुश्किल हो गया है, रोज की समस्या से छोटे बच्चे परेशान रहते हैं।-सोनल श्रीवास्तव शायद पूरे शहर में सबसे कम बिजली इस इलाके में आती है। बिजली आती है तो लो वोल्टेज के कारण उपकरण नहीं चल पाते। इस गर्मी में बिजली न होने से जीना दुश्वार हो जाता है, लोग सुकून से सो भी नहीं पाते।- अमित सिंह मार्ग कच्चा होने के कारण परेशान हैं। गर्मी में सड़कों पर धूल उड़ती रहती है, बारिश हो जाए तो कीचड़ जमा हो जाता है। आने-जाने के लिए पक्की सड़क बन जाए तो आने-जाने में काफी सहूलियत हो जाएगी।- आशुतोष सिंह कॉलोनी की सड़क बेहद खराब है, यहां डामर रोड के साथ सम्पर्क मार्गों पर इंटरलाकिंग किया जाना जरूरी है। सीवर लाइन ,पेयजल के लिए पाइप लाइन, टंकी से जलापूर्ति यह सुविधा नगर निगम लोगों को प्रदान करे।-अश्वनी कुमार यहां बिजली और सड़क की समस्या से कॉलोनी के लोग काफी दिनों से परेशान हैं। लोग लगातार शिकायत करते आ रहे हैं लेकिन शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। सीवर लाइन भी अभी तक नहीं बिछ पाई है।-लक्ष्य बार-बार बिजली कटने से बहुत परेशानी होती है। कभी-कभी तो आधे-आधे घंटे के अंतराल में बिजली आती-जाती रहती है। छोटे बच्चे परेशान रहते हैं, उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। घर का काम भी नहीं हो पाता। अंकिता शुक्ला बिजली न होने से घर के काम नहीं हो पाते। बिजली कब आएगी, कब जाएगी इसका कोई अंदाजा नहीं रहता। यह रोज की समस्या है जिससे लोग उकता चुके हैं। बिजली न आने पर बच्चे परेशान रहते हैं।-अंजलि श्रीवास्तव इतनी लाइट भी नहीं रहती कि इन्वर्टर चार्ज हो सके। बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हो रहा है। घरेलू काम में भी दिक्कतें आ रही है। बिजली की समस्या दूर हो जाए तो लोगों को काफी राहत मिले।-शुभा सिंह सड़क बहुत खराब है, कहीं-कहीं तो सड़क है ही नहीं, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। बिजली का ऐसा हाल कि दिन हो या रात, कब आएगी और कब चली जाएगी, भरोसा नहीं रहता।-विद्यावती शुक्ला बिजली न होने के कारण घरेलू काम में काफी दिक्कत होती है। रात में बिजली कटने पर लोग सुकून से नींद भी पूरी नहीं कर पाते, बच्चे पढ़ नहीं पाते। बिजली की समस्या का निदान हो जाए तो लोगों को राहत मिले।-रश्मि सिंह बोले पार्षद - फेस 4 को छोड़कर फेस 1 से 9 तक के लिए सड़कें स्वीकृत हो चुकी हैं, जिसमें डामर रोड, आरसीसी रोड एवं इंटरलाकिंग का काम होना है। मड़ौका उपरहार के लिए 5 ट्रांसफॉर्मर स्वीकृत हुए हैं इनमें फेस 8 एवं 9 में तीन ट्रांसफॉर्मर लगने हैं। जल्द बिजली एवं सड़क की समस्या का समाधान हो जाएगा। बलराज पटेल , पार्षद, मड़ौका उपरहार, वार्ड संख्या 29 जिम्मेदार बोले सरस्वती नगर मड़ौका नगर निगम का विस्तारित क्षेत्र है, वहां काफी काम होना है। प्रभावित लोग सड़क की समस्या के लिए चीफ इंजीनियर एवं बिजली की समस्या के लिए एसडीओ से सम्पर्क करें, समस्या का समाधान हो जाएगा।-अखिलेश त्रिपाठी, जोनल अधिकारी, नगर निगम

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