बोले प्रयागराज : सड़कों पर जमा रहता है गंदा पानी, नालियां बनें तो दूर हो हर परेशानी
संक्षेप: Prayagraj News - प्रयागराज के झूंसी स्थित देवनगर कॉलोनी स्मार्ट सिटी का हिस्सा बनने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां पेयजल, सीवर, और जल निकासी की व्यवस्था नहीं है, जिससे लोग परेशान हैं। नगर निगम द्वारा कर वसूली के बावजूद लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
प्रयागराज, हिटी। झूंसी की देवनगर कॉलोनी अब नगर निगम के विस्तारित क्षेत्र का हिस्सा बन चुकी है। स्मार्ट सिटी का हिस्सा बनने के बाद भी यहां पेयजल के लिए पाइप लाइन नहीं पहुंची है, और लोग सीवर की सुविधा से वंचित हैं। जल निकासी का पुख्ता इंतजाम नहीं है। पूरे साल जलभराव की समस्या बनी रहती है। स्ट्रीट लाइटों का अता-पता नहीं है। गलियां व संपर्क मार्ग बदहाल हैं। इन सबके बावजूद निगम द्वारा भवन कर की वसूली को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है। बीते चुनाव में तो यहां के बाशिंदों ने अपना जनप्रतिनिधि भी चुना। आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने ‘बोले प्रयागराज’ के तहत लोगों की परेशानी जाननी चाही तो वे निगम के रवैये से काफी नाखुश दिखे।

कहा, लगातार शिकायत की जा रही है लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे। बिना बुनियादी सुविधाएं प्रदान किए हाउस टैक्स लगाना सरासर अन्याय है। नगर निगम में शामिल होने और कर चुकाने के बाद भी यदि बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़े तो लोगों की नाराजगी स्वाभाविक है। झूंसी की देवनगर कॉलोनी में व्याप्त समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय लोग मंडल कार्यालय से लेकर निगम के दफ्तर तक की परिक्रमा कर चुके हैं लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे। यहां हर कदम पर समस्याएं दिखती हैं जिसकी शिकायत स्थानीय पार्षद, विधायक व नगर विकास मंत्री तक से की जा चुकी है, लेकिन शिकायतें बेअसर ही रहीं। इससे लोग काफी मायूस हैं। करीब दो दशक पूर्व बसी इस कॉलोनी की आबादी अब पांच हजार तक पहुंच गई है। बचे प्लाटों में भी तेजी से निर्माण कार्य हो रहे हैं जिससे आने वाले दिनों में आबादी और बढ़ने के आसार हैं। इस कॉलोनी को निगम में शामिल तो कर लिया गया लेकिन अभी तक पेयजल के लिए पाइप लाइन भी नहीं बिछ सकी है। पानी का इंतजाम लोगों को खुद करना होता है। साधन संपन्न लोग तो पंप लगाकर पानी की व्यवस्था कर लेते हैं लेकिन आम लोगों को एक बाल्टी पानी के लिए भी मशक्कत करनी पड़ रही है। कहने को तो यहां के लोग अब स्मार्ट सिटी का हिस्सा हैं लेकिन सीवर की सुविधा से भी वंचित हैं। लोग काफी समय से पेयजल व सीवर की सुविधा दिए जाने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यहां पूरे वर्ष जलभराव की समस्या से लोग परेशान रहते हैं। नालियां न बनने से पानी की निकासी नहीं हो पाती और गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। इसी गंदे पानी से होकर लोगों को आना-जाना पड़ रहा है जो उनके लिए बेहद तकलीफदेह बात है। बारिश के दिनों में तो मार्ग पर पानी भर जाने से आवागमन ठप ही हो जाता है। लोग अपने घरों में कैद होकर रह जाएं या रास्ता बदलकर लंबी दूरी तय कर निकलें, ये दो ही विकल्प बचे रह जाते हैं। यहां मार्ग के दोनों तरफ पक्की नालियों के निर्माण की सख्त जरूरत के बाद भी जिम्मेदार समस्या से मुंह फेरे हुए हैं, जिससे समस्या दिन-प्रतिदिन गहराती जा रही है। संपर्क मार्ग बदहाल, गलियों में फैला रहता है गोबर कॉलोनी में महाकुम्भ के दौरान सड़कों का चौड़ीकरण तो हुआ, लेकिन संपर्क मार्ग और गलियों की अनदेखी कर दी गई। संपर्क मार्गों का काम न होने से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतें हो रही हैं। संपर्क मार्ग की इंटरलाकिंग जगह-जगह उखड़ चुकी है, जिससे राहगीरों को ठोकर लगती रहती है। क्षतिग्रस्त गलियों में गोबर फैला रहता है। गंदगी और बदबू के बीच से होकर गुजरना लोगों की मजबूरी बन गई है। कई स्थानों पर तो इंटरलाकिंग ही नहीं की गई है। इससे आवागमन की समस्या पैदा हो रही है। लोग लोग परेशान हैं कि आखिर इस समस्या का समाधान कैसे हो, क्योंकि इनकी शिकायतें अनसुनी साबित हो रही हैं। स्ट्रीट लाइट न होने से सड़कों पर रहता है अंधेरा देवनगर में शाम होते ही सड़कों पर अंधेरा छा जाता है। यहां स्ट्रीट लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है। अंधेरे में रास्ता पार करना राहगीरों के लिए काफी परेशानी भरा साबित होता है। अंधेरे के कारण चोर-उचक्के भी सक्रिय हो जाते है। इसलिए जब तक बहुत जरूरी न हो, लोग रात को बाहर निकलने से बचते हैं। मार्ग प्रकाश व्यवस्था के लिए मंडल कार्यालय पर कई बार लिखित रूप से शिकायत की गई है, फिर भी अब तक स्ट्रीट लाइटें नहीं लग पाई हैं। छतों के ऊपर हाई टेंशन तार, बल्लियों के सहारे बिजली आपूर्ति देवनगर कॉलोनी के कई घरों की छत के ऊपर से हाई टेंशन तार गुजरती है। इससे लोगों की धुकधुकी बनी रहती है। कुछ मकानों के बारजों के बेहद करीब से तार गुजरे हैं। पिछले दिनों यहां एसी लगा रहे एक मैकेनिक जोरदार झटका लगने से नीचे गिर गया। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बस्ती के बीच से गुजरते हाई टेंशन तार जिम्मेदारों को नहीं दिखते। इस समस्या का समाधान तुरंत होना चाहिए। उधर, जरूरत के बावजूद बिजली के खंभे न लगाने के कारण लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। बिजली विभाग कनेक्शन तो दे रहा है लेकिन पोल न होने के कारण लोगों को दूर से केबल खींचकर बिजली लेनी पड़ रही है। कई जगह लटके हुए बिजली के तारों को बल्लियों का सहारा दिया गया है। यह स्थिति कभी भी मुसीबत कोई खड़ी कर सकती है। नहीं होती सफाई, फैला रहता है कचरा कहने को तो यहां सफाईकर्मी नियुक्त हैं लेकिन कभी वे दिखते ही नहीं। अरसे से इलाके में सफाई नहीं हो सकी है। लोग अपने स्तर से अपने घर के आसपास सफाई करा लेते हैं, लेकिन जगह-जगह कचरे के ढेर के कारण समस्या बनी रहती है। खाली प्लाटों में गंदा पानी भरा रहता है जिससे मच्छरों की तादाद बढ़ती जा रही है। लोग यहां सफाई कराकर दवा के छिड़काव की मांग कर रहे हैं, लेकिन लोगों की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। फॉगिंग भी कभी होती है तो मुख्य सड़क तक ही होकर रह जाती है, जिससे कॉलोनी के लिए वह बेमतलब ही है। सुझाव- 1. जल निकासी के लिए मार्ग के दोनों तरफ पक्की नालियों का निर्माण हो। 2. पूरे इलाके में पेयजल के पाइप डाल कर नलकूप से जलापूर्ति की जाए। 3. कॉलोनी के भीतर संपर्क मार्गों व गलियों में इंटरलाकिंग की जाए। 4. पूरे इलाके में सीवर लाइन बिछाकर उसे मेन लाइन से जोड़ा जाए। 5. बल्लियां हटाकर सीमेंटेड खंभे लगें, हाई टेंशन तार बस्ती से दूर किया जाए। हमारी भी सुनें- नालियां न होने से सड़कों पर बारिश का पानी घुटने तक भर जाता है। निगम कर वसूली तो कर रहा लेकिन सुविधाएं नहीं दे रहा है। व्यवस्थाएँ केवल कागजों पर सिमटी हुई हैं। -डॉ. गिरीश पांडेय जल निकासी की व्यवस्था न होने से खाली प्लॉटों में गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे गंदगी और मच्छरों के कारण गंभीर बीमारियों का खतरा है। जल निकासी का प्रबंध जरूरी है। -शेषनाग राय बिजली विभाग ने कनेक्शन तो दे दिया है, पर अभी तक हर घर के लिए खंभे नहीं लग पाए हैं। लोग बल्लियों के सहारे एक किलोमीटर दूर से तार खींचकर बिजली ला रहे हैं। -डॉ. अरुणेश त्रिपाठी बिजली विभाग ने पोल नहीं लगाए हैं, दूर से खींचकर लाया गया केबल आए दिन टूटता रहता है। लो वोल्टेज के कारण पंप भी नहीं चल पाता और पानी की समस्या बनी रहती है। -प्रभाकर मिश्रा सफाई के अभाव में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, जिससे मच्छरों की संख्या बढ़ रही है। कई बार शिकायत के बावजूद न फॉगिंग हुई, न ही एंटी लारवा का छिड़काव किया गया। -प्रो. जेपी मिश्र झाड़ू न लगने की वजह से सड़कों पर कूड़े का अंबार लगा है, जिससे उठ रही दुर्गंध से जीना मुहाल हो चला है। गंदगी और बदबू के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। -राजेश वर्मा यहां लोग वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। निगम गृह कर की वसूली कर रहा है लेकिन बिना सुविधा दिए कर लगाना अन्याय है। जिम्मेदारों को इस पर विचार करना होगा। -रागिनी वर्मा स्ट्रीट लाइट न होने से सड़कें अंधेरे में डूबी रहती हैं। इससे अराजकतत्वों की सक्रियता बढ़ जाती है। इससे शाम को हम लोग टहलने भी नहीं जा पाते। बाहर निकलने में डर लगता है। -विनीता गुप्ता टैक्स वसूली को लेकर निगम के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं कोई भी मानक निर्धारित नहीं है। लोगों का क्षेत्रफल बराबर होने के बाद भी टैक्स अलग-अलग आ रहा है। -अनीता वर्मा यहां काफी समस्याएं हैं जिनका निदान होना बेहद जरूरी है। नगर निगम में शामिल होने के बाद भी सुविधाएं दोयम दर्जे की हैं। शिकायत करते रहिए, पर कोई ध्यान नहीं देता। -नीरज वर्मा एक किमी दूर से खींचकर लाई गई बिजली के केबल की वजह से हमेशा लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। शिकायत के बाद भी बिजली विभाग पोल नहीं लगा रहा है। -ममता पांडेय नगर निगम का पूरा जोर मुख्य सड़कों तक ही रहता है। संपर्क मार्ग व गलियों को ऐसे ही छोड़ दिया गया है, जबकि इनमें काफी अधिक लोग रह रहे हैं। गलियों का भी विकास होना चाहिए। -युगांतर वर्मा बोले पार्षद- देवनगर कॉलोनी अब निगम के विस्तारित क्षेत्र का हिस्सा है जहां काफी काम होना है। टीम भेजकर समस्या का पता कराया जाएगा और शीघ्र ही समस्या के समाधान का भी प्रयास किया जाएगा। -शिवनारायण यादव, पार्षद, छतनाग

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