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24 सितम्बर, 2020|5:50|IST

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रमजान: इफ्तारी के वक्त मांगी दुआ जरूर होती है कुबूल

रमजान: इफ्तारी के वक्त मांगी दुआ जरूर होती है कुबूल

मुकद्दस महीना रमजान मुसलमानों के लिए बेशुमार नियामतें लेकर आता है। हदीस में फरमाया गया है कि इफ्तारी के वक्त मांगी गई दुआ को अल्लाह सबसे पहले कुबूल फरमाता है। शहर काजी ने सभी रोजेदारों से गुजारिश की है कि वह इफ्तारी के वक्त अल्लाह की बारगाह में रोकर गिड़गिड़ाकर दुआएं करें। अल्लाह उनकी दुआ जरूर कुबूल फरमाएगा।

रमजान की फजीलत बयान फरमाते हुए शहर काजी कारी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी ने बताया कि इस माहे मुकद्दस में अल्लाह अपने बंदों के लिए जन्नत के दरवाजे खोल देता है। जहन्नम के दरवाजे बंद कर देता है। रोजेदारों के रिज्क बढ़ा देता है। शहर काजी ने बताय कि रोजेदारों को रोजा खुलवाने का बहुत बड़ा सवाब है। अगर कोई मुसलमान किसी रोजेदार को खजूर या फिर एक घूंट पानी से भी रोजा खुलवाता है तो अल्लाह इसका उसे बड़ा अता करता है। वह मैदाने महशर में प्यासा नहीं रहेगा।

उन्होंने लोगों से गुजारिश कर कहा कि इफ्तार से ठीक पहले का वक्त रोजेदारों के लिए बहुत ही खास होता है। इस वक्त रोजेदार जो भी दुआ मांगता है अल्लाह पाक उसे कुबूल फरमाता है। इसलिए सभी रोजेदार इफ्तारी के वक्त जरूर दुआ करें। देश में आई बीमारी व मुसीबत से महफूज रखने की दुआ करें। शहर काजी ने कहा कि इस मुकद्दस महीने में सभी लोगों को रोजा रखने के साथ खूब इबादत करने के लिए कहा। बताया कि गरीब, मोहताज व जरूरतमंदों को हर तरह से मदद करनी चाहिए, ताकि उन्हें भी सहरी और इफ्तारी में किसी तरह की तकलीफ या परेशानी न हो।

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  • Web Title:Ramadan Prayer is definitely accepted during Iftari