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टूटी मिली रेलवे पटरी, लाल झंडा दिखाकर रोकी ट्रेन

कौशाम्बी में कनवार बार्डर पर गुरुवार सुबह रेलवे पटरी टूटी मिलने से हंगामा मच गया। करीब आठ इंच पटरी का टुकड़ा कटकर अलग पड़ा...

टूटी मिली रेलवे पटरी, लाल झंडा दिखाकर रोकी ट्रेन
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,प्रयागराजFri, 28 Jan 2022 03:52 AM

कौशाम्बी में कनवार बार्डर पर गुरुवार सुबह रेलवे पटरी टूटी मिलने से हंगामा मच गया। करीब आठ इंच पटरी का टुकड़ा कटकर अलग पड़ा था। ऐसे में ट्रेन स्पीड में गुजरती तो पलट जाती। पेट्रोलिंग पर निकले रेलवे की-मैन ने पटरी टूट देख अफसरों को सूचना दी। कीमैन ने लाल झंडी दिखाकर मालगाड़ी को रोक लिया। इसके बाद मालगाड़ी समेत कई ट्रेनों को कासन पर स्पीड कम कर निकाला गया। ऐसे में कुछ देर के लिए ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ। क्षेत्रीय लोगों का कहना था कि पटरी किसी ने काटकर अलग कर दी। ऐसा साजिश के तहत किया गया हो सकता है। हालांकि रेलवे अफसरों न इसे फैक्चर बताया। उनका कहना है कि भीषण ठंड में पटरियों में फैक्चर हो जाता है। पटरी टूट जाती है। इसी वजह से पेट्रोलिंग की व्यवस्था है। इससे पहले रेलवे ट्रैक पर नकली टाइम बम फेंककर कई बार सनसनी फैलाई जा चुकी है। यही वजह है कि कनवार में हुई घटना को साजिश से जोड़कर देखा जाने लगा।

सैनी कोतवाली का कनवार गांव फतेहपुर से सटा हुआ है। कनवार गांव के सामने रेलवे पटरी गुजरी है। कनवार रेलवे स्टेशन भी है। इसके पहले अटसराय रेलवे स्टेशन आता है। कनवार रेलवे स्टेशन के आसपास गुरुवार की सुबह रेलवे पटरी टूटी हुई मिली। सुबह करीब सात बजे कनवार रेलवे स्टेशन का की-मैन सुधीर कुमार ने देखा कि पोल नंबर 896/11 के समीप रेलवे पटरी का एक टुकड़ा अलग पड़ा है। टुकड़ा लगभग दो इंच से ज्यादा का था। जानकारी होते ही की-मैन भागकर वापस आया और एक कर्मचारी के साथ वह दोबारा उसी जगह पर पहुंचा। कानपुर की ओर से प्रयागराज जा रही मालगाड़ी को आता देखकर उसने पटाखा लगाया। पटाखा नहीं दगा। ये पटाखा ट्रेन को रोकने के लिए होता है। पटाखा मिस होने पर उसने लाल झंडी दिखाकर मालगाड़ी को रोका। इसके बाद स्टेशन से उच्चाधिकारियों को सूचना दी। इससे रेलवे में हड़कंप मच गया। अप लाइन पर आ रही ट्रेनों को कासन पर निकाला गया। इससे करीब 9.27 मिनट तक रेलवे का यातायात बाधित रहा। रेलवे के अधिकारी पसीना फेंके रहे। रेलवे ट्रैक की मरम्मत कराई गई। रेलवे यातायात बाधित हुआ तो अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इस पूरे मामले से पुलिस के अधिकारियों ने जानकारी होने से ही इंकार किया है।

ट्रेनों के नीचे क्यों रखे जा रहे हैं नकली टाइम बम

रेलवे लाइन को लगातार निशाना बनाने का प्रयास शातिर कर रहे हैं। संभवत: इसमें कुछ नापाक ताकतें भी शामिल हो सकती हैं। प्रयागराज के मेजा रोड, मांडा, लेप्रोसी नैनी में रेलवे अंडर ब्रिज, पुल के नीचे ओर रेलवे ट्रैक पर नकली टाइम मिल चुका है। नकली टाइम रखकर सनसनी फैलाई गई। बम सक्वायड दस्ते ने इनको निकाला और जांच की। इससे पूरा शहर दहशत में रहा। इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं, लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है और कौन कर रहा है, इसका आज तक खुलासा नहीं हो सका।

बोले अफसर

रेलवे ट्रैक में फैक्चर मिला था। पटरी काटी नहीं गई है। सुबह सात बजे के करीब रेलवे के की-मैन ने इसकी जानकारी दी थी। सर्दियों में अक्सर पटरी पर फैक्चर हो जाता है। पटरी काटे जाने जैसी कोई बात नहीं है। जानकारी होने के बाद ट्रेनों की स्पीड कम करके उनको निकाला गया। अब रेलवे यातायात सुचारू रूप से चल रहा है।

-डॉ. शिवम शर्मा, सीपीआरओ (उत्तर मध्य रेलवे)

अटसराय में पलट चुकी है मुरी एक्सप्रेस

कनवार से पहले अटसराय रेलवे स्टेशन पड़ता है। कनवार से इसकी दूरी मात्र सात से आठ किमी होगी। मई वर्ष 2014 में यहां मुरी एक्सप्र्रेस पलट गई थी। इसमें एक की मौत और दर्जनों यात्री घायल हो गए थे। इस हादसे के 24 घंटा पहले चोरों ने पेड्राल क्लिप चोरी की थी। करीब 36 पेंड्राल क्लिप चोरी हुई थी। रेलवे पटरी के नीचे जैक लगाया गया था। साफ इशारा था कि ट्रेन को पलटाने की पूरी कोशिश की गई थी, लेकिन अधिकारी एफआईआर दर्ज कराने तक ही सीमित रहे। जिसका परिणाम था कि दूसरे दिन दोपहर को करीब एक बजे मुरी एक्सप्रेस ट्रेन पलटी थी। इसके बाद देश की उच्चस्तरीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस हादसे की जांच की थी।

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