ट्रेनों के शौचालयों से हटेंगे मग और चेन, सफाई व्यवस्था होगी बेहतर
Prayagraj News - प्रयागराज में रेलवे ने ट्रेनों के शौचालयों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मग और चेन हटाने का निर्णय लिया है। इससे पानी की निकासी सही होगी और यात्रियों को फिसलने से बचाया जा सकेगा। 182 शताब्दी कोचों में यह बदलाव पहले ही किया गया है।

भारतीय रेलवे अब ट्रेनों के शौचालयों को और भी बेहतर और साफ-सुथरा बनाने की तैयारी में है। अक्सर शताब्दी, वंदे भारत और राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी यात्रियों को यह शिकायत रहती है कि वॉशरूम के फर्श पर पानी भरा रहता है, जिससे गंदगी तो होती ही है, साथ ही फिसलने का डर भी बना रहता है। इस समस्या की गहराई से जांच करने पर रेलवे बोर्ड ने पाया कि शौचालयों में रखे मग और उन्हें बांधने वाली लोहे की चेन ही इसकी बड़ी वजह हैं।
दरअसल, ये चेन अक्सर ड्रेनेज होल यानी पानी निकलने वाले छेद में फंस जाती हैं, जिससे पानी बाहर नहीं निकल पाता और फर्श पर जमा होने लगता है। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर लव शुक्ला ने एक नया आदेश जारी किया है। इसके तहत अब ट्रेनों के कोच से मग और चेन को पूरी तरह हटा दिया जाएगा।
रेलवे ने पहले ही 182 शताब्दी कोचों में यह प्रयोग किया है, जिसके नतीजे काफी अच्छे रहे हैं और वहां गंदगी की शिकायतें बहुत कम हो गई हैं। अब रेलवे बोर्ड ने सभी जोन के महाप्रबंधकों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की कम से कम दस ट्रेनों को चिह्नित करें और उनके एसी कोचों में ट्रायल के तौर पर इसे लागू करें। एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि जल्द ही इन निर्देशों पर अमल शुरू होगा ताकि यात्रियों का सफर और अधिक सुखद और सुरक्षित बन सके।
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