ट्रेनों की सफाई पर रेलवे के दावों से कैग असंतुष्ट
प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। लंबी दूरी की ट्रेनों में सफाई व्यवस्था को लेकर रेलवे के दावों पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने सवाल उठाए हैं।
प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। लंबी दूरी की ट्रेनों में सफाई व्यवस्था को लेकर रेलवे के दावों पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने सवाल उठाए हैं। कैग की वर्ष 2025 की रिपोर्ट पर रेलवे प्रशासन की ओर से दिए गए जवाबों की समीक्षा में कई मामलों में ऑडिट ने रेलवे के दावों को पर्याप्त नहीं माना और ठोस दस्तावेजी साक्ष्य मांगे हैं। रिपोर्ट में उत्तर मध्य रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया गया है, जिसके जवाब पर ऑडिट ने सवाल उठाए हैं。
कैग की रिपोर्ट
कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ट्रेनों में सफाई, जैविक शौचालयों के रखरखाव, ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (ओबीएचएस), क्लीन ट्रेन स्टेशन (सीटीएस), पानी की उपलब्धता और यात्रियों से मिलने वाले फीडबैक की निगरानी व्यवस्था में कई कमियां थीं। इसके जवाब में रेलवे ने नियमित निरीक्षण, विशेष अभियान, ठेकेदारों पर जुर्माना और नई व्यवस्थाएं लागू करने का दावा किया। हालांकि ऑडिट ने कई मामलों में कहा कि इन दावों के समर्थन में पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं कराए गए।
निरीक्षण और निगरानी
रिपोर्ट के अनुसार रेलवे ने सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए निरीक्षण और निगरानी बढ़ाने की बात कही, लेकिन ऑडिट को यह नहीं बताया जा सका कि निर्धारित निरीक्षण कितनी संख्या में हुए, उनमें क्या कमियां मिलीं और उन पर क्या कार्रवाई की गई। यात्रियों की शिकायतों और फीडबैक के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाने के दावों पर भी कैग ने विस्तृत आंकड़े मांगे हैं।
ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट
उत्तर मध्य रेलवे से जुड़े झांसी और ग्वालियर में प्रस्तावित ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट (एसीडब्ल्यूपी) भी रिपोर्ट में चर्चा का विषय बने हैं। ऑडिट ने इन परियोजनाओं की स्वीकृति और प्रगति से जुड़ी जानकारी मांगी, लेकिन उपलब्ध कराए गए विवरण को पर्याप्त नहीं माना गया।
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Piyush Kumar Srivastavaशॉर्ट बायो: पीयूष श्रीवास्तव पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ प्रयागराज में रेलवे, रोडवेज, एयरवेज, बिजली और बिजनेस की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
पीयूष श्रीवास्तव भारतीय प्रिंट व डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में पीयूष ‘हिन्दुस्तान’ अखबार व ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बिजनेस, बिजली व परिवहन की खबरों को देख रहे हैं। 2015 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
पीयूष श्रीवास्तव ने अपने करियर की शुरुआत दिसंबर 2007 में ‘आई नेक्स्ट, दैनिक जागरण’ अखबार से की थी। इस दौरान क्राइम की खबरों पर महारत हासिल की। जून 2015 में ‘हिन्दुस्तान’ अखबार प्रयागराज में सेवाएं देना शुरू किया। 2015 से 2024 तक क्राइम की रिपोर्टिंग की। वर्तमान में रेलवे, रोडवेज और एयरवेज के साथ ही बिजली और अर्थ-व्यापार से जुड़ी खबरें लिख रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। स्टेट यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली। उसी वक्त से लगातार प्रिंट मीडिया में सक्रिय रहे हैं। शुरूआती दौर में क्राइम रिपोर्टिंग और अब रेलवे, रोडवेज, एयरवेज के साथ ही बिजली, बिजनेस और परिवहन की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
रिपोर्टिंग और विजन
बिजली, परिवहन, बिजनेस, क्राइम की गतिविधियों की खबरों के साथ ही माघ मेला व कुम्भ मेला में रिपोर्टिंग का पीयूष श्रीवास्तव का लंबा अनुभव है। वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुम्भ के दौरान रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व कर महाकुम्भ की कई स्पेशल स्टोरी की। 2013 के महाकुम्भ और 2019 के कुम्भ की रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। पीयूष का मानना है कि सत्य, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जनता की आवाज़ को सशक्त मंच देना ही पत्रकार का मुख्य दायित्व है।
विशेषज्ञता
प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड की रिपोर्टिंग का अनुभव।
प्रयागराज के चर्चित अतीक-अशरफ हत्याकांड की खास रिपोर्टिंग।
रेलवे, रोडवेज और एयरवेज की खबरों पर पैनी नजर।
जीएसटी के जानकार, व्यापारियों की समस्याओं की गहरी समझ।
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