
अब ‘अस्थायी’ प्रमाणपत्र पर भी मिलेगा दिव्यांग आरक्षण का लाभ
Prayagraj News - रेलवे भर्ती की तैयारी कर रहे दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए रेलवे बोर्ड ने राहत भरा फैसला लिया है। अब 'अस्थायी' प्रमाणपत्र के आधार पर किसी आवेदन को निरस्त नहीं किया जाएगा। इससे हजारों दिव्यांग युवाओं को आरक्षण का लाभ मिलेगा। बोर्ड ने कहा कि कुछ विशेष मामलों में 'स्थायी' माना जाएगा, जबकि सुधार की संभावना वाले प्रमाणपत्रों को लाभ नहीं मिलेगा।
रेलवे भर्ती की तैयारी कर रहे दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए रेलवे बोर्ड ने राहत भरा फैसला लिया है। अब केवल दिव्यांगता प्रमाणपत्र पर ‘अस्थायी’ (टेंपरेरी) शब्द लिखे होने के आधार पर किसी भी उम्मीदवार का आवेदन निरस्त नहीं किया जाएगा। इस निर्णय से हजारों दिव्यांग युवाओं को रेलवे भर्ती में आरक्षण का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी उम्मीदवार की दिव्यांगता की स्थिति ऐसी है जो समय के साथ बढ़ सकती है (प्रोग्रेसिव), जिसमें कोई बदलाव नहीं होना है (नॉन-प्रोग्रेसिव) या जिसके भविष्य में ठीक होने की कोई संभावना नहीं है (नॉट लाइकली टू इम्प्रूव), तो उसे आरक्षण के उद्देश्य से ‘स्थायी’ ही माना जाएगा।
ऐसे मामलों में आवेदन खारिज नहीं किए जाएंगे। हालांकि, जिन प्रमाणपत्रों पर साफ तौर पर ‘लाइकली टू इम्प्रूव’ यानी सुधार की संभावना लिखी होगी, उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक स्थापना गौतम मोंडाली ने 16 जनवरी को उत्तर मध्य रेलवे सहित सभी जोन के महाप्रबंधकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने यह भी कहा है कि भविष्य की भर्तियों के नोटिफिकेशन में इन शर्तों को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि बोर्ड के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है।

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