रेलवे में आरक्षण रोस्टर होगा ऑनलाइन, बढ़ेगी पारदर्शिता
Prayagraj News - रेलवे में नौकरियों और पदोन्नतियों में आरक्षण को लेकर विवादों पर रोक लगाने के लिए रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि सभी रेलवे जोनों को आरक्षण रोस्टर को मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली पर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जानकारी समय पर उपलब्ध होगी।

प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। रेलवे में नौकरियों और पदोन्नतियों में आरक्षण को लेकर अक्सर उठने वाले सवालों और विवादों पर अब लगाम लगने की उम्मीद है। रेलवे बोर्ड ने एनसीआर समेत सभी रेलवे जोन को निर्देश दिया है कि आरक्षण रोस्टर का संधारण (रखरखाव) मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) पर अनिवार्य रूप से किया जाए। यानी अब यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज और मॉनीटर होगी। अब तक कई बार अभ्यर्थियों और कर्मचारियों की शिकायत रहती थी कि किस पद पर किस वर्ग का आरक्षण लागू हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं होती। नए निर्देश के बाद सभी स्वीकृत पदों की श्रेणीवार स्थिति ऑनलाइन दर्ज होगी।
नियुक्ति और पदोन्नति से पहले रोस्टर मिलान अनिवार्य होगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व अन्य आरक्षित वर्गों का ब्योरा स्पष्ट रूप से अंकित रहेगा और किसी भी आपत्ति की स्थिति में रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध कराया जा सकेगा। रेलवे बोर्ड का मानना है कि डिजिटल रोस्टर से पारदर्शिता बढ़ेगी और आरक्षण नियमों के पालन में मनमानी की गुंजाइश कम होगी। सभी जोन को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी लंबित प्रविष्टियां समय से अपडेट हों। लापरवाही की स्थिति में जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि अब एचआरएमएस पर नियमित अपडेट से अभ्यर्थियों को स्पष्ट जानकारी मिलेगी और भविष्य में विवादों की संभावना कम होगी।
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