नई संस्थाओं का टूटा सब्र, गेट पर दिया धरना
Prayagraj News - प्रयागराज में माघ मेला 2026 के लिए नई संस्थाओं के आवेदन करने वाले लोगों का सब्र टूट गया। उन्होंने मेला प्राधिकरण कार्यालय के बाहर धरना दिया और जाम लगाया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नई संस्थाओं को जमीन देने की तारीख 26 दिसंबर निर्धारित की गई है, जबकि करीबी लोगों को गुप्त रूप से जमीन दी जा रही है।
प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। माघ मेला 2026 में नई संस्थाओं के रूप में आवेदन करने वाले लोगों के सब्र का बांध टूट गया। गुरुवार रात मेला प्राधिकरण के अफसरों से नाराज लोगों ने गेट के पास जाम लगाया और खुद मेला प्राधिकरण कार्यालय में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नई संस्थाओं को जमीन देने के लिए 26 दिसंबर का दिन दिया गया है, जबकि करीबी लोगों को चोरी छिपे जमीन दी जा रही है। मेला प्राधिकरण के पास इस बार नई संस्थाओं के रिकार्ड आवेदन आए हैं, जबकि तैयारी माघ मेला 2024 की तुलना में 10 फीसदी अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की थी।
रिकार्ड आवेदन आने के बाद प्राधिकरण ने सभी को 26 दिसंबर की तारीख दी थी, जिससे उन्हें बची जमीन का विवरण दिया जा सके। रोज-रोज मेला प्राधिकरण कार्यालय जाकर थक चुके लोगों के सब्र का बांध गुरुवार रात टूट गया। अफसरों से मिलने गए और मुलाकात नहीं हो सकी तो भड़के संतों और नागरिकों ने वहीं नारेबाजी शुरू कर दी। नाराज संतों ने पहले मेला प्राधिकरण गेट पर बैठकर लोगों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। जब अफसरों ने इसके लिए मना किया और मेले के कार्यों में व्यवधान न डालने का आग्रह किया तो संत समाज वहां से उठकर मेला प्राधिकरण कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गया। इस दौरान महामंडलेश्वर सत्यम योगी, रवि किशन, अजीत दास, प्रणवदास आदि शामिल रहे।

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