अस्पताल के खिलाफ अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन

Jan 20, 2026 08:30 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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Prayagraj News - प्रयागराज में अधिवक्ताओं ने करछना के रामपुर स्थित निजी अस्पताल के खिलाफ प्रदर्शन किया। एक अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी की गर्भावस्था के दौरान इलाज में लापरवाही के कारण बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई। उन्होंने अस्पताल का पंजीकरण रद्द करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

अस्पताल के खिलाफ अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन

प्रयागराज, संवाददाता। करछना के रामपुर स्थित एक निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को अधिवक्ताओं ने सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। साथ ही प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर अस्पताल का पंजीकरण रद्द करने मांग की। करछना के सेमरी गांव के रहने वाले अधिवक्ता गणेश शंकर शुक्ल के अनुसार उनकी पत्नी वशिता गर्भवती थीं और उनका इलाज डॉ. व्यंजना पांडेय की देखरेख में चल रहा था। 29 अक्तूबर को उन्होंने जांच करके कुछ दवाएं दीं थीं। लेकिन पांच नवंबर को जब दोबारा जांच के लिए अस्पताल पहुंचे तब पला चला कि गले में नारा फंस जाने के कारण बच्चे की गर्भ में ही मौत हो चुकी है।

अधिवक्ता का आरोप है कि बच्चे की मौत के बावत पूछने पर डॉ. पांडेय ने अभद्रता की। उसके बाद करछना के एक दूसरे अस्पताल में ऑपरेशन से मृत बच्चे को निकाला गया। इस बारे में गणेश शंकर शुक्ल ने इलाज में लापरवाही से बच्चे की मौत को लेकर डीएम मनीष कुमार वर्मा से शिकायत की। डीएम के निर्देश पर सीएमओ डॉ. एके तिवारी ने 16 जनवरी को तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी। जांच टीम में डिप्टी सीएमओ डॉ. वीके पांडेय, डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार और बेली अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋचा शामिल रहीं। सीएमओ के अनुसार मंगलवार को जांच टीम के समक्ष दोनों पक्षों का बयान लिया गया है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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