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असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा निरस्त करने के लिए प्रदर्शन

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा निरस्त करने के लिए प्रदर्शन

संक्षेप:

Prayagraj News - उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में कथित विसंगतियों के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने परीक्षा को निरस्त कर निष्पक्ष परीक्षा कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा में रैंडमाइजेशन नहीं किया गया और कई गलत प्रश्न पूछे गए।

Dec 23, 2025 07:13 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या-51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में कथित विसंगति, धांधली एवं अनियमितताओं के विरोध में प्रतियोगी छात्रों ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के बाहर प्रदर्शन किया। आयोग को आठवीं बार ज्ञापन सौंपते हुए परीक्षा को निरस्त कर पुनः निष्पक्ष परीक्षा कराने की मांग की। प्रतियोगी छात्र लालता प्रसाद, मनीष कुमार सिंह, अरविंद कुमार उपाध्याय व अवनीश यादव ने नवनियुक्त अध्यक्ष प्रशांत कुमार को ज्ञापन दिया। इसमें कहा कि जब तक इस परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक छात्र आंदोलन जारी रखेंगे। छात्रों ने आरोप लगाया कि 16 व 17 अप्रैल को आयोजित परीक्षा में रैंडमाइजेशन नहीं किया गया (क्रम में फॉर्म भरा था उसका उसी क्रम एडमिट जारी किया गया), जिससे पूरी परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हुई।

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सीटिंग प्लान में गंभीर लापरवाही हुई और एक ही कमरे में एक ही विषय के अभ्यर्थियों को बैठाया गया। कुछ अभ्यर्थियों को रुमाल पर उत्तरकुंजी लेकर नकल करते हुए पकड़ा गया, आयोग के आउटसोर्स कर्मचारियों की संलिप्तता एवं गिरफ्तारी ने आयोग की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। छात्रों ने ब्लैकलिस्टेड कंपनी से परीक्षा कराने और कई विषयों में विवादित और अयोग्य विषय विशेषज्ञों की भूमिका होने के भी आरोप लगाए। हिंदी विषय के प्रश्नपत्र में व्यापक विसंगतियां थीं, जिसमें 25 से अधिक गलत, त्रुटिपूर्ण एवं भ्रामक प्रश्न पूछे गए। हिंदी विषय में आयोग ने 95वां प्रश्न (सिंदूर की होली का प्रकाशन वर्ष) स्वतः डिलीट कर उत्तरकुंजी ज़ारी की है। यानी अब मूल्यांकन का आधार 100 नहीं 99 प्रश्न हो गए और पूर्णांक 200 का ही रहेगा, क्योंकि किसी भर्ती के बीच में पूर्णांक नहीं बदला जा सकता। ऐसे में मेरिट पूर्णांक में नहीं प्वॉइंट में आना चाहिए, लेकिन आयोग की ओर से ज़ारी हिंदी विषय का कटऑफ 70, 71 एवं 73 है, ऐसे में शुचिता संदेह के घेरे में है।