15 दिन में 20 हजार उपभोक्ताओं ने कराया 9.50 करोड़ का मीटर रीचार्ज

Apr 07, 2026 10:38 am ISTPiyush Kumar Srivastava हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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Prayagraj News - प्रयागराज में प्रीपेड बिजली मीटर लागू होने के बाद, 87 प्रतिशत शहर के और 54 प्रतिशत ग्रामीण उपभोक्ताओं ने मीटर रीचार्ज करना सीख लिया है। 15 दिनों में 20 हजार उपभोक्ताओं ने 9.50 करोड़ रुपये का रीचार्ज कराया। विभाग ने कनेक्शन काटने की कार्रवाई की, जिसके बाद रीचार्ज में तेजी आई।

15 दिन में 20 हजार उपभोक्ताओं ने कराया 9.50 करोड़ का मीटर रीचार्ज

प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। प्रीपेड बिजली मीटर व्यवस्था लागू होने के बाद शहर के 87 प्रतिशत तो गांव के 54 प्रतिशत बिजली उपभोक्ता मीटर रीचार्ज करना सीख गए हैं। बीते 15 दिनों में करीब 20 हजार उपभोक्ताओं ने 9.50 करोड़ रुपये का मीटर रीचार्ज कराया। विभाग ने 14 से 30 मार्च के बीच रीचार्ज न कराने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए थे, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने भुगतान किया।बिजली विभाग के अनुसार, जिले में प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई। 14 से 30 मार्च तक करीब जिले में 20 हजार प्रीपेड कनेक्शन काटे गए, ताकि उपभोक्ता समय पर रीचार्ज कराएं।

कार्रवाई के बाद शहर, गंगापार और यमुनापार क्षेत्रों में अलग-अलग स्तर पर रीचार्ज कराया गया। शहर में लगभग 15 हजार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए थे। वहीं, गंगापार में 2652 और यमुनापार में 1136 उपभोक्ताओं की बिजली सप्लाई बंद की गई। कनेक्शन कटने के बाद शहर में 87 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने तत्काल रीचार्ज कराया, जबकि गंगापार और यमुनापार में करीब 56 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने भुगतान कर बिजली बहाल कराई। बाकी उपभोक्ताओं के घरों में बिजली गुल ही रही। चीफ इंजीनियर राजेश कुमार ने बताया कि प्रीपेड व्यवस्था में रीचार्ज समाप्त होने पर स्वतः सप्लाई बंद हो जाती है, इसलिए उपभोक्ताओं को नियमित रूप से बैलेंस बनाए रखना होगा। अगर पुराना बैलेंस बाकी है तो रीचार्ज का 10 से 25 प्रतिशत हिस्सा उसमें समायोजित हो जाएगा।

Piyush Kumar Srivastava

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शॉर्ट बायो: पीयूष श्रीवास्तव पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ प्रयागराज में रेलवे, रोडवेज, एयरवेज, बिजली और बिजनेस की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव
पीयूष श्रीवास्तव भारतीय प्रिंट व डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में पीयूष ‘हिन्दुस्तान’ अखबार व ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बिजनेस, बिजली व परिवहन की खबरों को देख रहे हैं। 2015 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।


करियर का सफर
पीयूष श्रीवास्तव ने अपने करियर की शुरुआत दिसंबर 2007 में ‘आई नेक्स्ट, दैनिक जागरण’ अखबार से की थी। इस दौरान क्राइम की खबरों पर महारत हासिल की। जून 2015 में ‘हिन्दुस्तान’ अखबार प्रयागराज में सेवाएं देना शुरू किया। 2015 से 2024 तक क्राइम की रिपोर्टिंग की। वर्तमान में रेलवे, रोडवेज और एयरवेज के साथ ही बिजली और अर्थ-व्यापार से जुड़ी खबरें लिख रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। स्टेट यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली। उसी वक्त से लगातार प्रिंट मीडिया में सक्रिय रहे हैं। शुरूआती दौर में क्राइम रिपोर्टिंग और अब रेलवे, रोडवेज, एयरवेज के साथ ही बिजली, बिजनेस और परिवहन की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।


रिपोर्टिंग और विजन
बिजली, परिवहन, बिजनेस, क्राइम की गतिविधियों की खबरों के साथ ही माघ मेला व कुम्भ मेला में रिपोर्टिंग का पीयूष श्रीवास्तव का लंबा अनुभव है। वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुम्भ के दौरान रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व कर महाकुम्भ की कई स्पेशल स्टोरी की। 2013 के महाकुम्भ और 2019 के कुम्भ की रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। पीयूष का मानना है कि सत्य, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जनता की आवाज़ को सशक्त मंच देना ही पत्रकार का मुख्य दायित्व है।


विशेषज्ञता
प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड की रिपोर्टिंग का अनुभव।
प्रयागराज के चर्चित अतीक-अशरफ हत्याकांड की खास रिपोर्टिंग।
रेलवे, रोडवेज और एयरवेज की खबरों पर पैनी नजर।
जीएसटी के जानकार, व्यापारियों की समस्याओं की गहरी समझ।

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