
उत्तर विधानसभा में 40 फीसदी मतदाता नहीं मिले
Prayagraj News - प्रयागराज में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का काम लगभग अंतिम चरण में है। 95 फीसदी डिजिटाइजेशन के बाद 10 लाख से अधिक मतदाता अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत (एएसडी) श्रेणी में हैं। अधिकारियों ने शहरी क्षेत्रों में एएसडी मतदाताओं की संख्या को कम करने के प्रयास किए हैं और सत्यापन का काम शुरू किया जाएगा।
प्रयागराज। जिले में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम अब लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 95 फीसदी डिजिटाइजेशन के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत (एएसडी) श्रेणी के वोटर हो चुके हैं। जिनकी संख्या जिले में 10 लाख से अधिक है। इसमें शहरी विधानसभाओं में संख्या अधिक है। अफसरों का मानना है कि अन्य विधानसभा क्षेत्रों में संख्या भले कम रहे, लेकिन इलाहाबाद उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में 40 फीसदी एएसडी मतदाता का रहना तय है। इलाहाबाद उत्तर विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक एक लाख 72 हजार से अधिक वोटर एएसडी श्रेणी में शामिल हैं।

जबकि एक लाख 35 हजार इलाहाबाद दक्षिणी विधानसभा और एक लाख 16 हजार से अधिक मतदाता पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में एएसडी श्रेणी में आ रहे हैं। मतदाताओं के हिसाब से देखा जाए तो 40.13 फीसदी इलाहाबाद उत्तर में एएसडी श्रेणी में हैं, जबकि दक्षिणी में 32.53 फीसदी, पश्चिमी में 24.89 फीसदी मतदाता इस श्रेणी में आ रहे हैं। प्रयास यह है कि शहरी क्षेत्र में यह आंकड़ा 25 फीसदी से कम रहे और ग्रामीण क्षेत्र में 15 फीसदी से कम रहे। इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं का एएसडी श्रेणी में आना अफसरों को भी चौंकाने वाला है। यही कारण है कि एक-एक मतदाता का फिर से सत्यापन होगा। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने जिला स्तरीय अफसरों को सत्यापन की जिम्मेदारी देने के लिए निर्देश दिए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी पूजा मिश्रा ने बताया कि इलाहाबाद उत्तर में 20, पश्चिमी विधानसभा में 15 और दक्षिण में 14 अफसरों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में संख्या कम है। इसलिए वहां पर ईआरओ स्तर पर ही काम कराया जाएगा।

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