Hindi NewsUttar-pradesh NewsPrayagraj NewsPrayagraj s Atarsuiya Neighborhood Faces Unresolved Issues Amid Smart City Claims
बोले प्रयागराज : तीन माह में धंस गई सड़क, डराता है खुला नाला

बोले प्रयागराज : तीन माह में धंस गई सड़क, डराता है खुला नाला

संक्षेप: Prayagraj News - प्रयागराज के अतरसुइया मोहल्ले में विकास कार्यों में अनियमितता और समस्याओं का अंबार है। यहाँ की सड़कें धंस रही हैं, नाले चोक हैं और सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है। स्थानीय लोग समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों के पास जा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। स्थिति में सुधार की आवश्यकता है।

Fri, 14 Nov 2025 06:06 PMNewswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराज
share Share
Follow Us on

प्रयागराज, हिटी। अतरसुइया मोहल्ले की गिनती शहर के पुरानी बस्तियों में होती है जहां हजारों की संख्या में लोग रहते हैं। बीते कुछ वर्षों में शहर की सूरत बदल गई लेकिन पुराने शहर के इस मोहल्ले में आज भी सब कुछ पुराने ढर्रे पर चल रहा है। यहां तमाम समस्याएं मुंह बाए खड़ी हैं जो स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोल रही हैं। यहां विकास कार्यों में घोर अनियमितता बरती जा रही है, तमाम कार्य लंबित पड़े हैं। चतुर्दिक समस्याओं से घिरे लोग समस्या के समाधान के लिए निगम दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने ‘बोले प्रयागराज’ के तहत यहां के लोगों की परेशानी जाननी चाही तो समस्याओं से परेशान लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कहा, तीन महीने पहले सड़क बनी थी लेकिन एक बारिश भी नहीं झेल पाई और धंस गई। नाले की दीवार भी टूटी पड़ी है। नाले-नालियां चोक हैं। हर तरफ समस्याएं हैं जिनका समाधान हो जाए तो जीवन काफी आसान हो जाए। पुराने शहर के अतरसुइया में व्याप्त समस्याएं अरसे से लोगों को परेशान कर रही हैं। कुम्भ एवं महाकुम्भ मेला के दौरान भी यह बस्ती विकास से अछूती रह गई। प्रयागराज अब स्मार्ट सिटी में शुमार हो गया लेकिन यहां के हालात में कोई बदलाव नहीं हुआ। यहां सफाई व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है, नियमित सफाई न होने से जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं, नालियां बजबजा रही हैं। खुला नाला चोक पड़ा है जिससे दुर्गंध फैल रही है। जिधर भी निगाह डालते हैं, समस्या ही समस्या दिखाई पड़ती है। यहां के बाशिंदे समस्याओं के निदान के लिए लंबे समय से संघर्षरत हैं, शिकायतों का पुलिंदा लेकर अधिकारियों की ड्योढी की परिक्रमा कर रहे हैं, जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रहे हैं, समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव जतन कर रहे हैं और समस्याओं का स्थायी निदान चाह रहे हैं, लेकिन कहीं उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही है। इस अव्यवस्था से स्थानीय लोग काफी मायूस हो गए हैं। यहां शनिदेव मंदिर के पास की सड़क करीब तीन माह पूर्व बनाई गई थी, लेकिन हाल-फिलहाल में बनी यह सड़क एक बरसात भी नहीं झेल सकी और धंस गई। तीन माह में सड़क धंस जाने से लोग हैरत में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर सड़क धंस गई वहां भारी वाहनों की आवाजाही नहीं होती, इक्का-दुक्का चारपहिया वाहन ही गुजरते हैं, इसके बावजूद इतने कम समय में सड़क का धंस जाना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है। टूटी दीवार से हादसे का खतरा यहां शनिदेव मंदिर के सामने का नाला काफी दिनों से चोक पड़ा है। पानी लगा रहने के कारण उठ रही दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों का रहना मुहाल होता जा रहा है। बारिश के दिनों में समस्या और बढ़ जाती है। इसकी शिकायत स्थानीय लोग कई बार कर चुके हैं लेकिन बार-बार की शिकायत के बावजूद समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। नाले की दीवार भी टूट गई है जो आने-जाने वाले लोगों के लिए खतरा पैदा कर रही है। टूटी दीवार के कारण छोटे बच्चों व मवेशियों के इसमें गिरने का अंदेशा बना हुआ है। इसके बावजूद टूटी दीवार की मरम्मत नहीं की जा रही है। इसलिए लोगों में काफी नाराजगी है। सड़क पर बांधे जा रहे मवेशी गलियों व संपर्क मार्गों पर मवेशी बांधकर दूध का व्यापार किए जाने से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। मवेशियों के बीच मार्ग पर बांधकर दुहने के कारण मार्ग का अधिकांश हिस्सा अवरुद्ध हो जाता है और आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कत होती है। मवेशियों के लात मारने से कई लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। मना करने पर पशु पालक झगड़े पर आमादा हो जाते हैं, जिससे चाहकर भी लोग खुलकर इनका विरोध नहीं कर पाते। शिकायत करने पर निगम के जिम्मेदार भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे जिससे समस्या बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पशुपालक दूध दुहने के बाद मवेशियों को खुला छोड़ देते हैं जो पूरे इलाके में स्वछंद विचरण कर लोगों के लिए मुसीबत बने रहते हैं। सीवर कई जगहों पर चोक इलाके में कई जगह सीवर चोक पड़ी है जिससे काफी समस्या पैदा हो रही है। कई जगह चैंबर ओवरफ्लो होकर लीक कर रहे हैं। सीवर का गंदा पानी सड़क पर आ जाने से जलजमाव और कीचड़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे लोगों को आने-जाने में काफी तकलीफ हो रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिम्मेदार लोगों से इसकी शिकायत कई बार की जा चुकी है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। दम तोड़ रही सफाई व्यवस्था इलाके की सफाई व्यवस्था बेहद लचर है जिसके कारण लोग काफी परेशान हैं। सफाईकर्मी नियमित नहीं आते। और जब आते भी हैं तो मुख्य मार्ग पर सफाई करके वहीं से वापस चले जाते हैं। गलियां और संपर्क मार्गों में सफाई न होने से कचरा जमा हो रहा है। नालियां बजबजा रही हैं। गंदगी और बदबू के कारण लोगों का जीना मुहाल हो चला है। सड़क पर ही मकानों का मलबा भी पड़ा हुआ है, जिसे शिकायतों के बाद भी हटाया नहीं जा रहा है। गलियों में गोबर फैला रहता है। समय रहते यदि कार्रवाई नहीं की गई तो बीमारियां कभी भी यहां सिर उठा सकती हैं। सुझाव- 1. सड़क धंसने की पड़ताल कर इसका पुनर्निर्माण कराया जाए। 2. चोक नाले की सफाई के साथ नालियों की नियमित सफाई हो। 3. सड़क पर मवेशी बांध रहे पशुपालकों पर अर्थ दंड लगाया जाए। 4. नाले की टूटी दीवार की मरम्मत कर उसे और ऊंची की जाए। 5. खुले नाले की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। हमारी भी सुनें मानक के अनुरूप सड़क न बनाने के कारण सड़क तीन महीने भी नहीं चल पाई। जिम्मेदारों को इस पर ध्यान देना चाहिए। -मिश्री लाल जो सड़क बनाई गई वह तीन महीने में ही धंस गई, यह सरकारी धन का अपव्यय है। जिम्मेदारी से इसकी जांच होनी चाहिए। -प्रखर शनिदेव मंदिर के कारण यहां काफी भक्त आते हैं। सड़क धंस जाने और नाले की दीवार टूट जाने से काफी परेशानी हो रही है। -सुधीर खुले नाले से उठती दुर्गंध के कारण घर में रहना भी मुश्किल हो जाता है। इस समस्या का समाधान हो जाए तो राहत मिल जाए। -राम जी यादव नाले की टूटी दीवार हादसे को दावत दे रही है। नाले में कई बार जानवर गिर चुके हैं। शिकायत के बावजूद निगम अनजान बना हुआ है। -गणेश नाले की नियमित सफाई न होने से नाला चोक है जिससे पूरे मुहल्ले में दुर्गंध फैल रही है। नाले-नालियों की नियमित सफाई होनी चाहिए। -प्राची घर में हम बुजुर्ग रहते हैं जिन्हें आंखों से कम दिखता है। रात में निकलने से डर लगता है कहीं नाले में न गिर जाएं। नाला अंडर ग्रांउड होना चाहिए। -कुसुम बीच सड़क पर मवेशी बांधे जा रहे हैं। इससे आने-जाने वाले लोगों को दिक्कत होती है। शिकायत पर निगमकर्मी ध्यान नहीं देते हैं। -निर्मला सफाईकर्मी नहीं आते जिससे नालियां बजबजा रही हैं। गंदगी और बदबू के कारण जीना मुहाल हो गया है। सफाई रोज होनी चाहिए। -सुभाष चंद्र पजावा रामलीला गेट के चौराहे पर नाला खुला होने से आए दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। इस समस्या का निदान जरूरी है। -मनोज पजावा का रामलीला चौराहे पर नाला खुला होने के कारण कई लोग इसमें गिरकर घायल हो चुके हैं। समस्या का समाधान होना चाहिए। -हीरा एक सप्ताह पहले चौराहे पर गड्ढे की वजह से बाइक सवार गिरकर घायल हो गया था। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार आंख मूंदे हैं। -अमन चौराहे पर खुला नाला हादसे को दावत दे रहा है। इसकी शिकायत कई बार की गई लेकिन समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। -रोहित नियमित सफाई न होने से नालियां चोक पड़ी हैं, जिससे बदबू के कारण रहना मुश्किल हो गया है। घर के बाहर भी नहीं बैठ पाते। -राहुल चौराहे के बीच में नाला खुला पड़ा है, गलियों व संपर्क मार्गों में कचरा फैला हुआ है। यहां नियमित सफाई की सख्त जरूरत है। -नमित मालवीय बोले पार्षद चौराहे पर नाले का पत्थर पिछले दिनों में चार बार लगाया जा चुका है लेकिन निकल जाता है। इसके स्थायी समाधान का प्रयास किया जा रहा है। शनिदेव मंदिर मार्ग पर सड़क व नाले की समस्या का पता करा कर उसका शीघ्र निदान किया जाएगा। नीरज टंडन, पार्षद, अतरसुइया बोले जिम्मेदार -- अतरसुइया की समस्या संज्ञान में नहीं थी। शीघ्र ही टीम भेजकर समस्याओं का पता कराया जाएगा और उनका समाधान करा दिया जाएगा। सड़क व नाले-नालियों की समस्या नहीं होने दी जाएगी। -उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, महापौर, नगर निगम प्रयागराज