
प्रयागराज में मर्डर केस का खुलासा अधूरा, शरण देने वालों पर कार्रवाई
संक्षेप: Prayagraj News - प्रयागराज में रोडवेज संविदाकर्मी रावेंद्र कुमार की हत्या के चार दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस ने हत्यारोपियों को शरण देने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।...
रोडवेज संविदाकर्मी रावेंद्र कुमार की दिनदहाड़े हत्या के चार दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस, क्राइम ब्रांच व एसओजी की सात टीमें प्रयागराज समेत आसपास के जिलों में भी हाथ पैर मार रही हैं, लेकिन अब तक एक भी हत्यारोपी गिरफ्त में नहीं आया है। उधर, हत्यारोपियों को शरण देने के आरोप में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
शरणदाता आरोपियों के करीबी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। मुंडेरा चुंगी स्थित एक पेट्रोप पंप के सामने 21 अक्तूबर को रोडवेज के संविदा बस चालक रावेंद्र कुमार की ईंट पत्थर से हमलाकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हुआ था। हंगामे, तोड़फोड़ व चक्काजाम के बाद पुलिस ने सात नामजद व चार अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था। सभी आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।
उधर, हत्याकांड के बाद आरोपियों को शरण देने और भागने में मदद करने में उनके छह करीबी रिश्तेदारों को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। इसमें नीमसराय मुंडेरा के शमशाद अहमद व उसके बेटे सुभान अहमद, रसूलपुर काशीपुर के शमी हसन, नसीरपुर सिलना के शमीम अहमद, अबकरपुर नवाबगंज के तौफीक अहमद और मेराज अहमद शामिल हैं। पुलिस की मानें तो शमीम अहमद, तौफीक अहमद व मेराज अहमद पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस कमिश्नर ने आरोपियों को शरण देने वालों के खिलाफ भी हत्या का मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है।

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