सरकारी गनर लेकर भूले भुगतान, सत्रह पर सत्तर लाख बकाया

हिन्दुस्तान, प्रयागराज
Follow us on Google News
share

प्रयागराज में 17 लोगों पर सरकारी गनरों के एवज में सत्तर लाख से अधिक का बकाया है। पुलिस प्रशासन अब इनसे वसूली की तैयारी कर रहा है। बकाएदारों में चर्चित कारोबारी, चिकित्सक, पूर्व जनप्रतिनिधि और माफिया अतीक अहमद के करीबी शामिल हैं। गनर सुविधा का शुल्क न जमा करने पर कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी गनर लेकर भूले भुगतान, सत्रह पर सत्तर लाख बकाया

प्रयागराज। प्रदीप शर्मा शहर में सरकारी सुरक्षा को रुतबे और रसूख का प्रतीक बनाने वालों पर अब पुलिस प्रशासन सख्ती की तैयारी में है। प्रयागराज में 17 ऐसे लोग हैं, जिन पर सरकारी गनरों के एवज में सत्तर लाख से अधिक का बकाया हो गया है। कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद रकम जमा नहीं होने पर पुलिस प्रशासन अब इनसे वसूली और गनर की सुविधा वापस लेने की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

बकाएदारों की सूची

बकाएदारों की सूची में शहर के चर्चित कारोबारी, चिकित्सक, पूर्व जनप्रतिनिधि, सत्ताधारी नेताओं के साथ ही आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग भी शामिल हैं। खास बात यह है कि सूची में माफिया अतीक अहमद के करीबी रहे मोहम्मद जैद खालिद का नाम भी शामिल है, जिस पर करीब 1.79 लाख रुपये बकाया हैं। सूत्रों के मुताबिक कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने अपना प्रभाव जमाने और रौब दिखाने के लिए गनर लिया है, जबकि यह सुविधा उनके लिए है, जिनकी जान को कहीं से कोई खतरा है। लंबे समय से शुल्क जमा न करने के बावजूद इनके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना भी सवाल खड़े कर रहा है।

बकायेदारों की राशि

आरटीआई से कुछ दिन पहले प्राप्त की गई बकायेदारों की सूची पर गौर करें तो सबसे ज्यादा बकाया अर्पित बंसल पर 9.40 लाख और उनकी मां डॉ. वंदना बंसल पर 8.77 लाख रुपये हैं। इसके अलावा भाजपा नेता निर्मला पासवान, अशोक बाजपेयी, जमुना प्रसाद सरोज, जितेंद्र तिवारी उर्फ जितेंद्रानंद, डॉ. उषा टंडन समेत कई अन्य लोगों पर भी इस मद में लाखों रुपये की देनदारी लंबित हैं।

अतीक से हुए विवाद के बाद मिला था गनर

मोहम्मद जैद खालिद को वर्ष 2018 में देवरिया जेल में बंद रहे माफिया अतीक अहमद से हुए विवाद के बाद सरकारी गनर उपलब्ध कराया गया था। बाद में आपराधिक गतिविधियों के चलते जैद खालिद को जिला बदर भी किया गया था।

नई दरें लागू

पुलिस मुख्यालय ने एक अप्रैल से निजी व्यय पर उपलब्ध कराए जाने वाले गनरों की नई दरें लागू कर दी हैं। अब 100 प्रतिशत निजी व्यय श्रेणी में सिपाही (आरक्षी) को बतौर गनर रखने के लिए साल भर में 1.39 लाख देने होंगे। हेड कांस्टेबल के लिए 1.60 लाख रुपये देने होंगे तो उपनिरीक्षक (एसआई) के लिए 2.17 लाख रुपये वार्षिक भुगतान करना होगा। अलग-अलग श्रेणियों में 75, 25 और 10 प्रतिशत व्ययभार की व्यवस्था भी लागू है। नई व्ययभार दरें लागू होने के बाद पुलिस प्रशासन ने बकायेदारों का ब्यौरा फिर से खंगालना शुरू कर दिया है।

वर्जन :

पूर्व में कई बकायेदारों से गनर सुविधा वापस ली जा चुकी है। शेष बकायेदारों को जल्द नोटिस भेजकर बकाया राशि जमा कराने की कार्रवाई की जाएगी। - जोगेंद्र कुमार, पुलिस आयुक्त।

सरकारी गनर के 17 बकाएदार

नाम बकाया धनराशि

अर्पित बंसल 940078

डॉ. वंदना बंसल 877407

आशीष मिश्रा 734242

अरुणेंद्र यादव उर्फ डब्बू 696355

ऋषभ राज 694304

राघवेंद्र प्रताप सिंह 646894

नीरज कुमार शुक्ला 417813

निर्मला पासवान 342626

डॉ. उषा टंडन 336911

वीरेंद्र यादव 329710

अशोक कुमार बाजपेयी 215327

जमुना प्रसाद सरोज 213090

जितेंद्र तिवारी उर्फ जितेंद्रानंद 208907

मोहम्मद जैद खालिद 179348

संगीता श्रीवास्तव 110768

दिलीप पाल 83563

प्रमोद कुमार सिंह उर्फ राजू राय 58493

प्रश्न और उत्तर

प्रयागराज में सरकारी गनरों के बकाएदारों की संख्या कितनी है?
प्रयागराज में 17 लोगों पर सरकारी गनरों के एवज में बकाया है।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।