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धान की कुटाई कर नहीं दिया चावल, एक करोड़ 80 लाख की आरसी

धान की कुटाई कर नहीं दिया चावल, एक करोड़ 80 लाख की आरसी

संक्षेप:

Prayagraj News - प्रयागराज में जिला प्रशासन ने अक्टूबर में नौ बड़े बकाएदारों को 8 करोड़ 3 लाख 74 हजार 206 रुपये की आरसी जारी की है। कुल 22146 लोगों को आरसी जारी कर 63 करोड़ 85 लाख 34 हजार 720 रुपये वसूले गए हैं। 49 करोड़ 44 लाख 77 हजार 461 रुपये अभी बकाया हैं। अधिकारियों ने तत्काल वसूली के निर्देश दिए हैं।

Nov 12, 2025 11:10 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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प्रयागराज। जिला प्रशासन ने अलग-अलग विभाग के बकाएदारों को आरसी जारी किया है। अक्तूबर महीने में नौ बड़े बकाएदारों को कुल आठ करोड़ तीन लाख 74 हजार 206 रुपये की आरसी(रिकवरी सर्टिफिकेट) दिया गया है। तमाम मामले तो ऐसे हैं जो बहुत लंबे समय से चले आ रहे हैं। अक्तूबर महीने में जिले में कुल 22146 लोगों को आरसी जारी किया गया। जिनसे 63 करोड़ 85 लाख 34 हजार 720 रुपये वसूला गया है, जबकि अब तक 49 करोड़ 44 लाख 77 हजार 461 रुपये अभी बकाया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने अफसरों को तत्काल वसूली के निर्देश दिए हैं।

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सबसे बड़े बकाएदार की बात की जाए तो खाद्य एवं रसद विभाग के कमलभानु सिंह सरोज बाला सिंह एक करोड़ 80 लाख 26 हजार 142 रुपये के बकाएदार हैं। अफसरों ने बताया कि इनकी राइस मिल थी। इन्होंने धान तो लिया, लेकिन कुटाई के बाद चावल नहीं दिया। इस कारण बकाया बना है। खनन विभाग के महीन सिंह पर एक करोड़ 27 लाख 41 हजार 95 रुपये रवन्ना शुल्क न जारी करने पर बकाया है। मेसर्स एसएस एसोसिएट सुदामा सिंह पर 8512944 रुपये की आरसी जारी की गई। दोनों पर 2024 में आरसी जारी की गई है। बजरंग कंस्ट्रक्शन के रविंद्र कुमार पर 4743000 रुपये की आरसी 2020 में जारी की गई है। 1980 से बकाया, ब्याज चढ़ गया ज्यादा आबकारी विभाग के बकाएदार लोचन सिंह का नाम भी इस सूची में हैं। 1981 में इन्होंने प्रयागराज में कुल 28 दुकानों को सिटी ग्रुप के नाम से लिया। उस वक्त इन पर 47 लाख 90 हजार 960 रुपये का मूलधन बकाया था। वर्ष 1994 में ब्याज 73 लाख 66 हजार 315 रुपये हो गए। इनके ऊपर कुल एक करोड़ 21 लाख 57 हजार 222 रुपये का बकाया है। जिला विभाग के अफसरों ने बताया कि सिविल लाइंस के एक बड़े होटल के लिए इन्होंने ने अपनी जमीन दी। इनकी तलाश अब तक जारी है। लेकिन मिले कहीं नहीं, न ही इनके नाम की कोई संपत्ति है। इतनी अधिक दुकानों का संचालन नहीं कर पाने में ये घाटे में जा चुके थे। ऐसा पुराने अफसरों का कहना है। इनका नाम भी है उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी समिति संघ के बकाएदारों की सूची में आद्या प्रसाद जिन पर एक करोड़ नौ लाख 39 हजार 289 रुपये बकाया था, जिसमें से 11 लाख 97 हजार 467 रुपये की वसूली हो चुकी है। मेसर्स पंचम रियल कॉम प्राइवेट लिमिटेड के पंकज वी पर स्टांप कम देने 76 लाख 14 हजार 580 रुपये, करछना में प्रीति पांडेय पर वर्ष 2023 में 59 लाख 41 हजार 800 रुपये, यूपी स्टेट एग्रो के मेसर्स सत्यम मिनी राइज मिल्स के पंचू लाल को वर्ष 2014 में 51 लाख 88 हजार 466 रुपये की आरसी जारी की गई, जिसमें से 42 लाख 92 हजार 865 रुपये की वसूली हो चुकी है। वर्जन विभागों की ओर से सूची आने के बाद सभी बकाएदारों को आरसी जारी कर दी गई है। जो लोग नहीं मिलेंगे, उनकी आरसी विभाग को वापस की जाएगी। इसके साथ ही शासन को लिखा जाएगा। शासन अपने स्तर पर विभागीय कार्यवाही का निर्णय लेगा। विनीता सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व