Prayagraj News: बरसात से पहले ही घुमंतू गिरोह के इनपुट के बावजूद बेखबर रही पुलिस, टूटते रहे ताले

हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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Prayagraj News: प्रयागराज में बरसात से पहले घुमंतू गिरोह की सक्रियता बढ़ने के बावजूद पुलिस की चौकसी कमजोर दिखी है। पिछले कुछ महीनों में चोरों ने कई मकानों को निशाना बनाकर लाखों के जेवर और नकदी चुराई। अब तक पुलिस गिरोह का पता नहीं लगा सकी है, जिससे उनकी निगरानी प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

Prayagraj News: बरसात से पहले ही घुमंतू गिरोह के इनपुट के बावजूद बेखबर रही पुलिस, टूटते रहे ताले

Prayagraj News: प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। बरसात शुरू होने से पहले ही जिले में घुमंतू गिरोह की सक्रियता का इनपुट मिलने के बावजूद पुलिस की चौकसी जमीन पर नजर नहीं आई। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बीट पुलिसिंग मजबूत करने और रात में गश्त बढ़ाने के निर्देश कागजों तक सिमट गए। नतीजा यह रहा कि करीब दो महीनों में चोरों ने एक के बाद एक कई मकानों को निशाना बनाया। लाखों के जेवर और नकदी पार कर दी लेकिन पुलिस अब तक गिरोह तक नहीं पहुंच सकी है।

घटनाएँ

छह सितंबर को सुलेमसराय में ब्रह्मप्रकाश मिश्रा के घर का ताला तोड़कर चोर लाखों के जेवर और नकदी ले गए। परिवार पांच सितंबर को उनकी मौत के बाद पैतृक गांव गया था। नौ सितंबर को धूमनगंज में हाईकोर्ट अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप गौतम के घर पांच बदमाशों ने ताला तोड़कर चोरी की। इसी दिन कोरांव के सुभाष नगर में बंद मकान से छह लाख रुपये तक के जेवर और नकदी चोरी हुई।

पुलिस की निष्क्रियता

दस सितंबर को नैनी में डॉ. विजय गुप्ता के घर का लॉकर काटकर करीब 30 लाख रुपये के जेवरात और 60 हजार रुपये नकद पार कर दिए गए। आठ सितंबर को प्रतापपुर ब्लॉक प्रमुख शैलेश यादव के पुश्तैनी घर से लाखों रुपये के जेवरात, तीन लाख रुपये नकद और जमीन व भट्ठे से जुड़े दस्तावेज चोरी हुए। होलागढ़ के मालापुर में एक ही रात तीन घरों को तो मुकुंदपुर बंतरी में दो ट्यूबवेल को निशाना बनाया गया। इससे पहले मांडा के एक गांव में अगस्त में छह घरों में चोरी हुई। हंडिया में 27 अगस्त की रात मीडियाकर्मी के घर समेत तीन मकानों के 12 से अधिक ताले टूटे और 15 लाख रुपये से ज्यादा के जेवरात चोरी हुए। लगातार वारदातों के बावजूद गिरोह का पता नहीं चलना पुलिस की निगरानी और सूचना तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦क्या इन घटनाओं में पुलिस ने गिरोह का पता लगाया?−
पुलिस अब तक गिरोह तक नहीं पहुंच सकी है।
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