...आज मैं सच को भी दर्पण दिखाने आई हूं
Prayagraj News - प्रयागराज में साहित्यिक संस्था लोक संदर्भ द्वारा कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि अनिल श्रीवास्तव को साहित्यकारों ने सम्मानित किया। सम्मेलन में कई कवियों ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत की। डॉ. आभा मधुर और अन्य कवियों की कविताओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रयागराज, संवाददाता। साहित्यिक संस्था लोक संदर्भ की ओर से शुक्रवार को साहित्यकार रवि नंदन सिंह के अल्लापुर स्थित आवास पर कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रसार भारती के अपर महानिदेशक अनिल श्रीवास्तव को साहित्यकारों ने स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र, शॉल व बुके देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि रचनाकार ही सही मायने में लोकतंत्र का सजग प्रहरी होता है। रचनाकारों में समाज के सच को बयान करने की ताकत होती है। वाणी वंदना के बाद कवि सम्मेलन की शुरुआत करती हुईं डॉ. आभा मधुर ने ‘झूठ के चेहरे से पर्दा हटाने आई हूं, आज मैं सच को दर्पण दिखाने आई हूं’ पंक्तियां पढ़ी।
गीतकार जितेंद्र मिश्र जलज ने चंदन है पानी है और क्या, चकरी घूमानी है और क्या पंक्तियां पढ़ी तो संजय पुरुषार्थी ने ‘सत्य मौन हो चला झूठ हो रहा मुखर, ऐसे कठिन दौर में कोई भला क्या कहे’ पंक्तियां पढ़कर सभी को आनंदित कर दिया। सम्मेलन में डॉ. पारुल सिंह राठौर, शैलेंद्र मधुर, अमित जौनपुरी, डॉ. अमिताभ त्रिपाठी व नजर पांडेय ने भी काव्य पाठ किया। समारोह में दूरदर्शन केंद्र के पूर्व कार्यक्रम प्रमुख हर्षित कुमार, भोला शंकर शुक्ल, आशीष मालवीय, नीरज सिंह, शिखा त्रिपाठी, मनोज कुमार राज आदि मौजूद रहे।

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