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24 फरवरी, 2020|7:40|IST

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मौनी अमावस्या पर पुण्य की डुबकी लगाने उमड़ा रेला

मौनी अमावस्या पर पुण्य की डुबकी लगाने उमड़ा रेला

मौनी अमावस्या पर पुण्य की डुबकी लगाने के लिए लाखों श्रद्धालु शुक्रवार को प्रयागराज पहुंचे। गुरुवार आधी रात के बाद शुरू हुआ स्नान का क्रम शुक्रवार देर शाम तक चलता रहा। शहर में प्रवेश करने वाले हर रास्ते से श्रद्धालुओं का रेला संगम की ओर बढ़ रहा था। प्रशासन का दावा है कि अकेले शुक्रवार शाम 5:30 बजे तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगा चुके थे।

मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर मौसम ने भी खूब साथ दिया। सुबह गुनगुनी धूप और फिर दिन चढ़ने के साथ सूरज ने भी तेजी दिखाई। दोपहर दो बजे तक मेला में प्रवेश करने वालों की जबर्दस्त भीड़ थी और दोपहर दो बजे के बाद मेले से निकलने वाले लोग ज्यादा हो गए। दो दिन पहले से मेले में आती भीड़ को देखते हुए अफसरों ने आधी रात के बाद से ही घाटों पर जिम्मेदारी संभाल ली थी। डीएम भानुचंद्र गोस्वामी, आईजी केपी सिंह सहित सभी अफसर भोर में तीन बजे के बाद से संगम और आसपास के घाट पर श्रद्धालुओं और अफसरों को व्यवस्था समझाते दिखे। दोपहर तक एडीएम सिटी एके कनौजिया, मेला अधिकारी रजनीश मिश्र सहित तमाम अधिकारी भीड़ को ही नियंत्रित करते दिखे।

मेला प्रशासन ने की पुष्पवर्षा

मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ से उत्साहित मेला प्रशासन ने स्नानार्थियों के सम्मान में हेलीकॉप्टर से पूरे संगम क्षेत्र में पुष्पवर्षा की। पुष्पवर्षा के समय श्रद्धालुओं ने भी गंगा मइया की जय, तीरथराज प्रयाग की जय के नारे लगाए।

माघ मेले के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या की सफलता से मेला प्रशासन के अधिकारी प्रसन्न और संतुष्ट दिखे।

दो हजार बसें और 20 स्पेशल ट्रेनें चलीं

मेले में श्रद्धालु बस और ट्रेनों से आए। रोडवेज के अफसरों का कहना है कि दो हजार बसें चलाई गईं। जबकि रेलवे ने 20 ट्रेनों को चलाने का दावा किया। इलाहाबाद जंक्शन से नौ, प्रयाग स्टेशन से आठ, इलाहाबाद सिटी से दो और इलाहाबाद छिवकी से एक स्पेशल ट्रेन चली। इलाहाबाद सिटी से दो स्पेशल ट्रेनों के संचालन की नौबत नहीं आई।

सिविल डिफेंस के वॉलेंटियर्स ने संभाला मोर्चा

मेले में आने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सिविल डिफेंस के वॉलेंटियर्स ने भी मोर्चा संभाला। चीफ वार्डेन अनिल कुमार गुप्ता ‘अन्नू, रवि द्विवेदी सहित तमाम स्वयं सेवक संगम तट पर बिछुड़ों को मिलाते और संगम तट पर सफाई करते दिखाई दिए।

स्नान के बाद जमकर किया दान

संगम में पुण्य की डुबकी के बाद श्रद्धालुओं ने खूब दान किया। किसी ने खिचड़ी का दान किया तो किसी ने दूसरी जरूरी चीजों का। सबसे ज्यादा तीर्थ पुरोहितों से लोगों ने गोदान कराया। एक बछिया की पूछ पकड़ कर तीन से चार परिवार तक गोदान कर रहे थे।

20 स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं ने किया स्नान

01 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे संगम

95 लाख श्रद्धालुओं ने गुरुवार को किया था स्नान

02 करोड़ श्रद्धालुओं ने दो दिन में लगाई डुबकी

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  • Web Title:On the occasion of Mauni Amavasya there was a surge in the dip of virtue