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ट्रेन की चेन पुलिंग पर गार्ड ही नहीं टीटीई भी लगाएंगे चाबी

हिन्दुस्तान टीम,प्रयागराजPublished By: Newswrap
Thu, 05 Aug 2021 04:01 AM
ट्रेन की चेन पुलिंग पर गार्ड ही नहीं टीटीई भी लगाएंगे चाबी

चेन पुलिंग कर ट्रेनों को रोकने का मामला रेलवे के लिए सिरदर्द है। इससे रेलवे को राजस्व का नुकसान तो होता ही है, ट्रेनों के पिटने से समयपालन और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो जाते हैं। एक बार चेन पुलिंग से 15 से 20 मिनट ट्रेन लेट हो जाती है। दोबारा एयरप्रेशर बनने में वक्त तो जाया होता है, अलग से खर्च बढ़ता है। चेन पुलिंग से ट्रेनों की लेटलतीफी पर रोक लगे और सुरक्षा के मद्​देनजर यात्रियों को परेशान न होना पड़े, इसके लिए रेलवे ने ट्रेनों में चलने वाले टीटीई की जिम्मेदारी बढ़ा दी है। चेन पुलिंग होने पर गार्ड बाबू या फिर ड्राइवर साहब का इंतजार होता था। उनके पास अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) की री-सेटिंग की चाबी होती थी। वह कोच में पहुंच चाबी का इस्तेमाल करते तो एयरप्रेशर लीकेज बंद होता था। फिर दोबारा एयरप्रेशन बनता था तो ट्रेन आगे बढ़ती थी। अब हालात जुदा हैं, रेलवे ने चेन पुलिंग के बाद की कवायद वाली एसीपी री सेटिंग चाबी को टीटीई को भी दे दी है। अब चेन पुलिंग पर गार्ड और ड्राइवर का इंतजार नहीं हो रहा। टीटीई तुरंत अपने पास मौजूद चाबी का इस्तेमाल कर एयरप्रेशर लीकेज रोक दे रहे और ट्रेनें तुरंत ही पटरी पर चलने लग रही हैं। रेलवे अफसरों के मुताबिक, टीटीई के अलावा मैकेनिकल स्टाफ को भी चाबी दी जा रही है ताकि चेन पुलिंग के बाद एलएचबी कोच के जो ज्यादा नजदीक हो और जल्दी पहुंच सके, वही चाबी का इस्तेमाल कर ले। प्रयागराज के अलावा आगरा और झांसी मंडल में भी यह इंतजाम हो गया है।

ट्रेन कोई भी हो चाबी एक

चेन पुलिंग के बाद री सेटिंग वाली यह एल की (चाबी) हर ट्रेन में इस्तेमाल हो सकती है। यही वजह है कि सूची बनाकर चाबी ड्राइवर, गार्ड, टीटीई और अन्य को दे दी गई है। ऐसे में ट्रेनें कोई भी हों चाबी काम आ जाएगी।

इनका कहना है

प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडल में यह व्यवस्था लागू है। ड्राइवर, गार्ड के अलावा टीटीई के पास चाबी होती है। अहम मैकेनिकल स्टाफ को भी चाबी दी जा रही है। ऐसे में जो भी कोच के ज्यादा नजदीक है, जल्दी पहुंच गया वही चाबी का इस्तेमाल कर ले रहा है।

- विपिन कुमार सिंह, सीनियर डीसीएम टू

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