Prayagraj News: बदलेगा शहर का कचरा प्रबंधन, नई नीति को सदन की हरी झंडी
Prayagraj News: प्रयागराज में, नगर निगम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नई नीति को मंजूरी दी है। इस नीति में कचरे का स्रोत पर पृथक्करण और निस्तारण पर जोर दिया गया है। इससे घरों और संस्थानों में गीला, सूखा और अन्य कचरे को अलग करके निपटारा किया जाएगा।

Prayagraj News: प्रयागराज, प्रमुख संवाददाता। शहर में सफाई व्यवस्था अब नए नियमों और जिम्मेदारियों के साथ बदलेगी। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने के लिए तैयार नई नीति को नगर निगम सदन ने शुक्रवार को हरी झंडी दे दी। अपर नगर आयुक्त सादाब असलम ने सदन में नीति का प्रस्ताव पेश किया। नई व्यवस्था में कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण, संग्रहण, प्रसंस्करण और निस्तारण को प्राथमिकता दी गई है। अजय यादव समेत कई पार्षदों ने नई नीति का विरोध किया।
नई नीति का विवरण
नई नीति के तहत घरों, दुकानों और संस्थानों में गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाले कचरे को अलग-अलग रखना होगा। इसे अधिकृत कचरा संग्राहकों को ही सौंपना होगा। खुले में कचरा फेंकने, जलाने अथवा नालियों और जलस्रोतों में डालने पर रोक रहेगी। निर्माण-विध्वंस तथा कृषि-बागवानी अपशिष्ट का भी अलग संग्रह और वैज्ञानिक निस्तारण होगा। पांच हजार वर्गमीटर से बड़े होटल, रेस्तरां, आवासीय सोसाइटी, बाजार और संस्थानों को स्रोत पर कचरा पृथक्करण सुनिश्चित करना होगा।
भारी कचरा उत्पादकों की पहचान
20 हजार वर्गमीटर से बड़े भवन, प्रतिदिन 40 हजार लीटर या अधिक पानी इस्तेमाल करने वाले अथवा 100 किलो से अधिक कचरा पैदा करने वाले संस्थान भारी कचरा उत्पादक माने जाएंगे। नगर निगम यूजर फीस वसूल सकेगा और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। नई नीति सदन से पास होने के बाद अपर नगर आयुक्त ने बताया कि अब इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।


