
प्रयागराज में बनेगी नई मिसाल, अब एसटीपी के एक तालाब में ही साफ होगा पानी
Prayagraj News - प्रयागराज के नैनी, सलोरी और राजापुर में नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों का निर्माण हो रहा है, जो नालों का पानी एक ही तालाब में साफ करेंगे। इसकी गुणवत्ता पुराने प्लांटों की तुलना में तीन गुना बेहतर होगी।...
प्रयागराज के नैनी, सलोरी और राजापुर में बनाए जा रहे प्लांटों में नालों का पानी एक ही तालाब में साफ होगा। इसकी गुणवत्ता पुराने प्लांटों की तुलना में तीन गुना तक बेहतर होगी। अभी तक शहर में बनाए गए प्लांटों में पानी साफ करने के लिए परिसर में दो तालाब बनाए जाते थे। इनमें एक प्लांट में पानी इकट्टा कर दूसरे में साफ कर बाहर निकाला जाता रहा। बन रहे प्लांटों में सिक्वेंस बैच रिएक्टर (एसबीआर) तकनीक से बनाया जा रहा है। इसके तहत गंदा पानी एक ही तलााब में साफ होगा। प्लांट में साफ किए जाने वाले पानी की गुणवत्ता तीन गुना अधिक होगी।

प्लांटों के निर्माण का काम देख रहे गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर एसएस परमार ने बताया कि एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार नए प्लांटों में 10 बीओडी तक पानी को साफ किया जाएगा। इससे पहले बने प्लांटों पर 30 बीओडी तक पानी साफ किया जाता है। प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुसार प्लांटों का निर्माण कर रही एजेंसियां 15 साल तक इनका रखरखाव भी करेंगी।
नैनी के प्लांट में कूड़े से बनेगी बिजली
प्रयागराज के नैनी में बनाए जा रहे तीसरे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में कूड़े से बिजली भी बनाई जाएगी। पानी साफ करने के बाद जो कूड़ा निकलेगा, उससे मिथेन गैस बनाई जाएगी। गैस बनाने के लिए चैंबर बनाए जाएंगे। मिथेन गैस से बिजली बनाने के लिए मशीन लगाई जाएगी। मशीन की कीमत लगभग पांच करोड़ है। प्लांट में कूड़े से बिजली बनाने के लिए परिसर के भीतर नया ढांचा बनाया जाएगा और कूड़े से हर रोज 3500 यूनिट तक बिजली पैदा करने का लक्ष्य है।

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