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राज्य विवि : अब चार वर्षीय बीए-बीएड की भी होगी पढ़ाई

राज्य विवि : अब चार वर्षीय बीए-बीएड की भी होगी पढ़ाई

संक्षेप:

Prayagraj News - प्रयागराज में प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) राज्य विश्वविद्यालय ने 2026-27 से चार वर्षीय बीए-बीएड इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू करने की घोषणा की है। इस कोर्स में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुसार इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम लागू किया जाएगा। यह पाठ्यक्रम कला, विज्ञान और वाणिज्य में संचालित होगा।

Sat, 29 Nov 2025 10:27 AMNewswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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प्रयागराज। इंटरमीडिएट के बाद बीएड करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) राज्य विश्वविद्यालय नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से चार वर्षीय बीए-बीएड इंटीग्रेटेड (एकीकृत) कोर्स शुरू करेगा। इस कोर्स में ‘इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम’ (आईटीईपी) लागू किया जाएगा, जो राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया चार वर्षीय नवीन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। नए कोर्स को विश्वविद्यालय की एकेडमिक परिषद और कार्य परिषद से औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है। कोर्स के संचालन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्थाओं और ढांचे को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

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पाठ्यक्रम कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों वर्गों में संचालित किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि चार वर्षीय बीए-बीएड पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें शिक्षक शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, कौशल-आधारित और रोजगारमुखी बनाया गया है। कार्यक्रम के दौरान छात्र विषयगत अध्ययन के साथ-साथ अध्यापन कौशल, कक्षा प्रबंधन, शिक्षा मनोविज्ञान और प्रायोगिक शिक्षण जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थी सीधे टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) पद के लिए अर्ह हो जाएंगे। चार वर्षीय एकीकृत मॉडल के कारण छात्रों को अलग-अलग बीए और बीएड करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि चार वर्षीय बीए-बीएड कार्यक्रम के संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विश्वविद्यालय स्तर के सभी कार्य लगभग पूर्ण कर लिए गए हैं। एनसीटीई से अंतिम मंजूरी मिलते ही नए सत्र से पाठ्यक्रम का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।