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21 नवंबर, 2020|12:04|IST

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महिला अपराध की जांच में लापरवाही, 15 दिन में 8 पुलिसकर्मी निलंबित

महिला अपराध की जांच में लापरवाही, 15 दिन में 8 पुलिसकर्मी निलंबित

महिला संबंधित अपराध को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद से विवेचना में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। महिलाओं से सम्बंधित मुकदमों में लापरवाही की बात सामने आने पर दंडात्मक कार्रवाई की गई। पिछले 15 दिन में 2 पुलिस उपाधीक्षक समेत 8 पुलिसकर्मियों को महिला अपराध की जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया जा चुका है। हाथरस कांड के बाद प्रयागराज में महिला संबंधी अपराध के मुकदमों में विवेचक सतर्कता बरतने लगे हैं।

गौरतलब है कि मेजा थाना में दर्ज गैंगरेप के एक मुकदमे में हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगर रेप पीड़िता ने 164 में बयान दिया है कि उसके साथ गलत काम हुआ है तो पुलिस ने किस आधार पर आरोपियों को क्लीन चिट दे दी। इस लापरवाही पर दो विवेचक और दो सुपरविजन करने वाले पुलिस उपाधीक्षक को निलंबित किया गया। इसी तरह फूलपुर इंस्पेक्टर और थाने के एसएसआई को रेप के मामले में 3 महीने बाद मुकदमा दर्ज करने पर डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने निलंबित कर दिया। वहीं आईजी केपी सिंह ने धूमनगंज के एक प्रकरण में धारा निकालने पर दरोगा को सस्पेंड किया गया। इसी तरह सिविल लाइंस में एक दरोगा को डीआईजी ने निलंबित किया है। साइबर क्राइम के विवेचना में लापरवाही के चक्कर में ही सिविल लाइन थाने में तैनात इंस्पेक्टर को भी एडीजी ने निलंबित किया।

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  • Web Title:Negligence in investigation of women 39 s crime 8 policemen suspended in 15 days