जिले में 32 हजार निराश्रितों कर्णधार बनेंग 1500 किसान

Newswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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Prayagraj News - भारत सरकार की प्राकृतिक खेती नीति से स्वस्थ उत्पाद और निराश्रित गोवंश की सेवा का लाभ होगा। 1500 किसानों को भगवतपुर और जसरा ब्लॉक में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्राकृतिक खेती में गोबर और गोमूत्र का उपयोग होगा, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा।

जिले में 32 हजार निराश्रितों  कर्णधार बनेंग 1500 किसान

प्रयागराज। भारत सरकार की प्राकृतिक खेती की नीति से अब दो लाभ होंगे। एक ओर तो प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पाद से स्वस्थ भारत की संकल्पना पूरी होगी, वहीं किसान अपनी जरूरतों के लिए निराश्रित गोवंशों की सेवा भी करेंगे। इसके लिए जिले में 1500 किसानों को विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रथम चरण में भगवतपुर और जसरा ब्लॉक में काम हो रहा है और दूसरे चरण में अन्य ब्लॉकों को इसमें लिया जाएगा। इस वक्त भारत सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। अब तक चल रही जैविक खेती से यह एकदम अलग है। प्राकृतिक खेती में गोबर और गोमूत्र के इस्तेमाल से ही उर्वरक तैयार किए जाएंगे।

इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा और जो पैदावार होगी वो और अच्छी होगी। इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं होगा। उप निदेशक कृषि पवन कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि इसके लिए पहले चरण में भगवतपुर और जसरा ब्लॉक के 1500 किसानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह प्राकृतिक खेती जैविक खेती से अलग है। जैविक खेती में उर्वरक बाजार से खरीद सकते हैं, जबकि प्राकृतिक खेती में ऐसा नहीं है।प्राकृतिक खेती के लिए किसानों का गोबर और गोमूत्र की आवश्यकता है। इन ब्लॉकों के गोवंश आश्रय स्थलों में जो गोवंश रह रहे हैं, उनकी सेवा की जिम्मेदारी भी किसानों को दी जा रही है। जिससे गोवंश स्वस्थ हों और किसानों को गोबर व गोमूत्र मिल सके। इस वक्त दोनों ब्लॉक में 32 हजार के आसपास गोवंश हैं।

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