
न्यूरल नेटवर्क्स से जटिल समीकरणों का हल अब होगा आसान
संक्षेप: Prayagraj News - मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में चल रही पांच दिनी कार्यशाला का दूसरा दिन ज्ञानवर्धक रहा। इसमें 111 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए विशेषज्ञ शामिल थे। कार्यशाला में न्यूरल नेटवर्क्स, मशीन लर्निंग, और स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में चल रही पांच दिनी राष्ट्रीय कार्यशाला का दूसरा दिन मंगलवार को उत्साह और ज्ञान से भरपूर रहा। यह कार्यशाला गणित विभाग की ओर से आयोजित की जा रही है, जिसे भारत सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग और नेशनल रिसर्च फाउंडेशन का भी सहयोग है। कार्यशाला में 111 प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें 65 विभिन्न विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों से आए थे। भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएसटी) तिरुवनंतपुरम के प्रो. राजू के. जॉर्ज ने न्यूरल नेटवर्क्स की नियंत्रण प्रणाली और उसकी स्थिरता के विश्लेषण पर विस्तार से बताया। उन्होंने समझाया कि इस तकनीक से जटिल गणनाओं और निर्णय प्रक्रियाओं को अधिक सटीक बनाया जा सकता है।

आईआईटी कानपुर के डॉ. राजेश रंजन ने बताया कि फिजिक्स न्यूरल नेटवर्क्स जैसी आधुनिक तकनीकें अब भौतिकी के जटिल समीकरणों में आने वाले झटकों और असंततताओं को पहचानने में मददगार साबित हो रही हैं। प्रो. अर्नब रॉय (आईआईटी खड़गपुर) ने द्रव प्रवाह और मशीन लर्निंग के संयोजन पर अपने विचार रखे, वहीं प्रो. एस श्रीनाथ (श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय) ने जैव-द्रव प्रवाह के गणितीय मॉडल पर चर्चा की। प्रो. टीवीएस शेखर (आईआईटी भुवनेश्वर), जेवीआर एस प्रसाद (टीसीएस हैदराबाद), कुमार अभिनव ने अनुभव साझा किए। हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग सत्र में प्रतिभागियों को हेल्थकेयर सेक्टर में एआई/एमएल तकनीकों के उपयोग पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

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