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शहर से शंकरगढ़ तक मतदाता सूची से नाम गायब

मतदाता सूची में खामियों के कारण शनिवार को बड़ी संख्या में लोग मताधिकार से वंचित हो गए। उमसभरी गर्मी में लोग बूथ पर मतदान के लिए पहुंचे लेकिन निराशा...

शहर से शंकरगढ़ तक मतदाता सूची से नाम गायब
हिन्दुस्तान टीम,प्रयागराजSat, 25 May 2024 09:45 PM
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प्रयागराज, संवाददाता।
मतदाता सूची में खामियों के कारण शनिवार को बड़ी संख्या में लोग मताधिकार से वंचित हो गए। उमसभरी गर्मी में लोग बूथ पर मतदान के लिए पहुंचे लेकिन निराशा हाथ लगी। लोगों की शिकायत थी कि विधानसभा व ग्राम पंचायत के चुनाव में मतदान किया था लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव में उनका नाम मतदाता सूची से गायब हो गया।

मतदाता सूची से नाम गायब होने की सबसे बड़ी शिकायत मप्र सीमा के पास स्थित शंकरगढ़ के गांव सतपुरा की रही। वहां पर ग्राम पंचायत के चुनाव में 1835 मतदाता थे, लेकिन लोकसभा चुनाव में 526 लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब थे। सतपुरा के ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार मिश्र ने बताया कि निर्वाचन कर्मियों की लापरवाही और उदासीनता से इतने नाम कट गए हैं। इस बारे में कई बार शिकायत की गई लेकिन मतदाता सूची में सुधार नहीं हुआ। इसी तरह शंकरगढ़ के मतदान केंद्र डेरा में 200 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब थे। लोगों का आरोप था कि बीएलओ की मिलीभगत से नाम कटवा दिया गया है। लोग बीएलओ के हटाने की मांग करते रहे।

वहीं शहर में दरियाबाद की मीनाक्षी वोट डालने के लिए खत्री पाठशाला में पहुंचीं लेकिन मतदाता सूची में नाम न होने से वापस चली गईं। इसी तरह अटाला के रहने वाले असलम के परिवार के लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं थी। वहीं सेंट्रल एकेडेमी झूंसी के मतदान केंद्र पर 82 वर्षीय शिव कुमार, पूर्व एसडीएम राजमुनि यादव समेत तीन लोग वोटर पर्ची के लिए भटकते रहे।

मतदाता सूची में नाम कटा, तो बवाल काटा

फूलपुर लोकसभा क्षेत्र के पूरे सूरदास झूंसी उच्च प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर मतदाता सूची में 300 लोगों का नाम न होने पर सपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। एसडीएम फूलपुर ने पहुंचकर मामला शांत कराया। एमएलसी मान सिंह, जिलाध्यक्ष अनिल यादव, दान बहादुर मधुर, रमेश यादव, रतन यादव ने कहा कि प्रशासन पक्षपात कर रहा है। इस मतदान केंद्र पर 1788 मतदाता हैं। एसीपी झूंसी के अनुसार कुछ लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं थे। पुरानी मतदाता सूची के आधार पर हाथ से लिखी पर्ची से लोग वोट डालना चाहते थे। शाम छह बजे इस बूथ पर 60 प्रतिशत मतदान हुआ था।

प्रधानी के चुनाव में दिया वोट, इस बार गायब

कोटवा के रहने वाले पूर्व रेलकर्मी अवधेश सिंह आधार कार्ड लेकर गर्मी में मतदान केंद्र पर भटकते रहे। उनकी शिकायत थी कि ग्राम पंचायत के चुनाव में वोट दिया था लेकिन इस बार मतदाता सूची से नाम गायब हो गया। नीबी गांव के बनवारी लाल यादव और रमेश चंद्र का नाम मतदाता सूची में नहीं था। दोनों लोग मतदान से वंचित हो गए। इसी तरह बीएलओ की ओर से पर्ची न पहुंचाने के कारण कई लोग मतदान से वंचित रहे।

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